नर्मदापुरम में सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को आदिवासी शिव मंदिर समिति ने कावड़ यात्रा निकाली। यात्रा सुबह 10 बजे सर्किट हाउस घाट से शुरू हुई। श्रद्धालुओं ने नर्मदा जल से कावड़ भरी। भगवा वस्त्र पहने श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए निकले। इससे पूरा मार्ग भगवामय नजर आया। आदिवासी नृत्य और शिव तांडव रहे आकर्षण
कावड़ यात्रा में तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के कोमू कोया आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति हुई। शिव तांडव और शिव बारात भी आकर्षण का केंद्र रहे। तेलंगाना, गुजरात, अलीराजपुर और झाबुआ से कलाकार पहुंचे। घोड़ाडोंगरी, सारनी, बैतूल, तामिया, छिंदवाड़ा और परासिया के महिला-पुरुष भी शामिल हुए। कलाकारों ने क्षेत्रीय नृत्य और आदिवासी संस्कृति की प्रस्तुति दी। यात्रा में भक्ति और संस्कृति का संगम देखने को मिला। सतरस्ता और गेट नंबर-3 मंदिर परिसर में विशेष प्रस्तुतियां हुईं। कोमू कोया नृत्य ने भी लोगों का ध्यान खींचा। जगह-जगह फूलों से स्वागत
कावड़ यात्रा का जगह-जगह फूलों से स्वागत किया गया। यात्रा शाम 4 बजे सतरस्ता पहुंची। इसके बाद ओवरब्रिज और भोपाल तिराहा होते हुए आगे बढ़ी। यात्रा एसपीएम गेट नंबर-4 से होते हुए शिव मंदिर पहुंची। यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती हुई। यात्रा परिवहन अधिकारी वीरेश तुमराम और अशोक कुशराम के नेतृत्व में निकाली गई। शाम को नगर भ्रमण पर निकलेंगे काले महादेव
सावन के चौथे सोमवार पर शाम को भगवान काले महादेव की शाही सवारी निकलेगी। काले महादेव मंदिर से सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर शाही सवारी निकाली जाएगी।

