नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी में मक्का बेचने पहुंचे किसानों को तुलाई के लिए दो से छह दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। मक्का की आवक बढ़ने और तुलाई धीमी होने से मंडी में जगह कम पड़ गई है। कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। बुधवार को मंडी रोड पर बार-बार जाम लगा, जिससे आम लोगों और राहगीरों को भी परेशानी हुई। किसी की बोली लग गई, किसी की तुलाई अटकी भूत पिपरिया के किसान संजय पटेल 50 क्विंटल मक्का लेकर मंडी पहुंचे हैं। उनका कहना है कि तुलाई में देरी से मंडी में भीड़ बढ़ रही है और जाम लग रहा है। मलाह पिपरिया के कमलेश पटेल 25 क्विंटल मक्का लेकर दो दिन से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि व्यापारियों का माल शेड से नहीं उठने के कारण ट्रैक्टर खड़ा करने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। कोसमखेड़ा के धर्मेंद्र तिवारी की मक्का की बोली लग चुकी है, लेकिन तुलाई अब तक नहीं हुई। वे तीन दिन से मंडी में रुके हैं और खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं। वहीं, झिरीकला के प्रशांत यादव को तुलाई के इंतजार में छह दिन हो गए हैं। कांटे और तुलैयों की कमी भी परेशानी किसानों के मुताबिक, मंडी में मक्का की आवक ज्यादा है, लेकिन तुलाई की रफ्तार धीमी है। तौल कांटों और तुलैयों की कमी भी बताई जा रही है। व्यापारियों का पहले से रखा माल शेडों से नहीं उठने के कारण नई उपज लेकर आने वाले किसानों को जगह नहीं मिल पा रही है। दीपावली की खरीदारी के लिए भुगतान का इंतजार किसानों का कहना है कि दीपावली पर परिवार के लिए खरीदारी करनी है, लेकिन तुलाई में देरी के कारण उपज का भुगतान अटका हुआ है। लंबे इंतजार के बावजूद उन्हें जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। किसानों ने मंडी प्रबंधन से तुलाई तेज कराने, उपज रखने की जगह उपलब्ध कराने और दूसरी समस्याओं को दूर करने की मांग की है।

