जयपुर। राजधानी जयपुर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 10 विदेशी युवतियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। इनमें थाईलैंड की 9 और लाओस की 1 युवती शामिल है। जांच में एक युवती के नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल होने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस और संबंधित एजेंसियों का ध्यान उन एजेंटों, बिचौलियों और स्थानीय मददगारों तक पहुंचने पर है, जिन्होंने कथित तौर पर इन युवतियों को भारत में प्रवेश कराने से लेकर यहां ठहरने और काम दिलाने तक में मदद की।
विदेशी पंजीकरण अधिकारी (एफआरओ) धर्मेंद्र सागर के अनुसार, इन युवतियों को वैध दस्तावेज नहीं होने या वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रहने के मामलों में डिपोर्ट किया गया है। जयपुर शहर से इस साल अब तक कुल 69 विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध प्रवास से जुड़े मामलों में अब उन लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो विदेशी नागरिकों को यहां ठहरने और रोजगार उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
स्पा, मसाज पार्लर और होटलों से पकड़ी गईं युवतियां
पुलिस ने इन विदेशी युवतियों को स्पा, मसाज पार्लर और होटलों सहित अलग-अलग स्थानों से पकड़ा था। जांच के दौरान विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश, ठहरने और रोजगार से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ एजेंट और बिचौलिए विदेशी युवतियों को यहां लाने और काम दिलाने के नाम पर सक्रिय थे। अब उनके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पासपोर्ट कब्जे में लेने वाले दलाल भी जांच के दायरे में
जांच में यह बात भी सामने आई है कि कुछ दलाल युवतियों के यहां पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में रख लेते थे। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पासपोर्ट किसने लिए, इसके पीछे क्या वजह थी और क्या इस तरीके का इस्तेमाल युवतियों पर नियंत्रण रखने के लिए किया जा रहा था। नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कराने से जुड़े मामले की भी पड़ताल की जा रही है।
वीजा और वर्क परमिट की जांच सख्त
कार्रवाई के बाद स्पा, मसाज पार्लर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले विदेशी नागरिकों के वीजा तथा वर्क परमिट की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही होटल संचालकों और मकान मालिकों को भी विदेशी नागरिकों के ठहरने से जुड़े नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद किसी विदेशी नागरिक को ठहराने या उसकी जानकारी छिपाने का मामला सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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