मिशन यूपी: नए चेहरों के सहारे पीडीए विस्तार की तैयारी, सामाजिक समीकरण साधने में जुटी सपा

मिशन यूपी: नए चेहरों के सहारे पीडीए विस्तार की तैयारी, सामाजिक समीकरण साधने में जुटी सपा

Samajwadi Party PDA Strategy: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी अपने सामाजिक आधार के विस्तार की कोशिश में जुटी है। अन्य दलों से आए नेताओं को पार्टी में शामिल कराना इसी रणनीति का हिस्सा है। बदायूं से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि के नेताओं की एंट्री के जरिए पार्टी अपने पीडीए अभियान को मज़बूत बनाने की कोशिश कर रही है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विभिन्न दलों से आए नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इनमें पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी और मुजफ्फरनगर से पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे दारा सिंह प्रजापति शामिल हैं।

इन नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय सक्रियता सपा की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पार्टी के सामने चुनौती अलग-अलग सामाजिक समूहों में राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ाने के साथ अपने संगठन को मजबूत करने की भी है। हालांकि, इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने से संबंधित समुदायों के मतदाताओं का समर्थन कितना बढ़ेगा, यह चुनावी नतीजों से ही स्पष्ट होगा।

सामाजिक विस्तार के साथ संगठन की परीक्षा

पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लाने की रणनीति सपा की राजनीति का अहम हिस्सा है। नए नेताओं को जोड़ना इस अभियान का एक पहलू है। लेकिन इसकी सफलता केवल सदस्यता ग्रहण कराने तक सीमित नहीं होगी। नए नेताओं की स्थानीय सक्रियता, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल और संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती भी महत्वपूर्ण होगी। अब सपा के सामने नए राजनीतिक चेहरों को अपने मौजूदा संगठन के साथ जोड़ने और मतदाताओं के समर्थन की चुनौती है।

दो पूर्व विधायकों की एंट्री से हलचल

बदायूं की बिसौली और दातागंज सीटों से जुड़े पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और सिनोद कुमार शाक्य का सपा में शामिल होना जिले की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पिछले विधानसभा चुनाव में बिसौली सीट पर सपा के आशुतोष मौर्य ने भाजपा के कुशाग्र सागर को हराया है। दातागंज सीट पर भाजपा के राजीव सिंह सपा के अर्जुन सिंह को पराजित कर चुके हैं। दोनों सीटों के पिछले चुनावी परिणाम अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाते हैं। ऐसे में इन नेताओं की नई राजनीतिक भूमिका भी अहम है।

पश्चिमी यूपी में सामाजिक पहुंच की कोशिश

मुजफ्फरनगर से लोकसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी रहे दारा सिंह प्रजापति का सपा में शामिल होना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उन्हें लोकसभा चुनाव में करीब डेढ़ लाख वोट मिले थे। इसी के आधार पर सपा ने उन पर दाव लगाया है।

सपा में शामिल हुए प्रमुख चेहरे

राम बहादुर पासी

पूर्व आईएएस अधिकारी; 2017 में बसपा के टिकट पर मोहनलालगंज से विधानसभा चुनाव लड़ा।

दारा सिंह प्रजापति

लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर से बसपा प्रत्याशी रहे।

कुशाग्र सागर

बदायूं की बिसौली सीट से पूर्व भाजपा विधायक।

सिनोद कुमार शाक्य

बदायूं की दातागंज सीट से पूर्व विधायक।

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