जयपुर में 4 लाख 30 हजार 500 रुपए की जाली करेंसी के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे का नाम सामने आया है। इस मामले में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस अपनी कानूनी कार्रवाई करेगी, लेकिन राजनीतिक दल को भी इस मामले में विचार करना चाहिए। बजाज नगर थाना पुलिस और सीएसटी की कार्रवाई में नकली नोटों का गिरोह गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नोटों के परिवहन में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर भी जब्त की थी। आरोपियों के पास से 500-500 रुपए के कुल 861 जाली नोट मिले हैं। गिरोह के पास से बरामद की गई कुल रकम 4 लाख 30 हजार 500 रुपए है। नकली नोटों के गिरोह में कांग्रेस प्रवक्ता का बेटा भी शामिल आरोपियों की पहचान अंशुल, साहिल चौधरी, प्रियांशु और आकाश के रूप में हुई है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात यह कार्रवाई की थी। आरोपियों में शामिल साहिल चौधरी की पहचान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरसी चौधरी के बेटे के रूप में हुई है। मामले में साहिल चौधरी का नाम सामने आने के बाद इसकी राजनीतिक अहमियत बढ़ गई है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के अनुसार, जाली नोटों की यह खेप बांग्लादेश से जुड़े नेटवर्क के जरिए जयपुर पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नोटों को आगामी निकाय चुनाव के दौरान खपाने की तैयारी थी। बांग्लादेश से जयपुर तक फैला नेटवर्क पुलिस पूछताछ में मुख्य सरगना के रूप में रोहतक निवासी अमन राणा का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क के जरिए बांग्लादेश से नकली नोट भारत लाए गए और फिर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किए गए। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि साहिल चौधरी समेत गिरफ्तार आरोपियों की गिरोह में क्या भूमिका थी और चुनाव के दौरान जाली नोटों को किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और नकली नोटों की सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है। बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना साहिल चौधरी का नाम कांग्रेस प्रवक्ता आरसी चौधरी से जुड़ने के बाद बीजेपी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पुलिस अपनी कानूनी कार्रवाई करेगी, लेकिन राजनीतिक दल को भी इस मामले में विचार करना चाहिए। अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच के साथ राजनीतिक हलकों में भी यह सवाल उठ रहा है कि नकली नोटों के नेटवर्क में साहिल चौधरी की वास्तविक भूमिका क्या थी और चुनाव में जाली करेंसी खपाने की कथित योजना में उसका कितना कनेक्शन था।

