नए विश्वविद्यालय में महिला कॉलेजों के विलय पर हंगामा:लाठीचार्ज, जेडी वीमेंस कॉलेज से निकाला लोकभवन मार्च; पुलिस ने रोका

नए विश्वविद्यालय में महिला कॉलेजों के विलय पर हंगामा:लाठीचार्ज, जेडी वीमेंस कॉलेज से निकाला लोकभवन मार्च; पुलिस ने रोका

विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के खिलाफ शनिवार को शिक्षकों, छात्राओं और शिक्षकेतर कर्मियों ने प्रदर्शन किया। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर से शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी जेडी वीमेंस कॉलेज परिसर में जुटे। प्रदर्शनकारी नए कानून के तहत पारंपरिक कॉलेजों को माता सीता विश्वविद्यालय और दिनकर विश्वविद्यालय में शामिल करने के खिलाफ लोकभवन मार्च निकाल रहे थे। जैसे ही मार्च कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंचा, पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। नहीं मानने पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें महिला शिक्षकों प्रो. प्रिया, प्रो. बृजबाला और प्रो. मंजरी नाथ के साथ कई कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने चार दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें देर शाम छोड़ दिया गया। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार ने इस कानून और विलय के फैसले को वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों में उग्र रूप लेगा। गंगा प्रसाद झा, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. शैलेश कुमार, वेंकटेश कुमार, रोहित कुमार, त्रिपुरारि प्रसाद, दीपक कुमार, विश्वजीत कुमार, सुशील कुमार, प्रो. प्रिया, प्रो. बृजबाला, प्रो. मंजरी नाथ आदि प्रदर्शन में शामिल थे। प्रमुख मांगें: बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के प्रावधानों से परंपरागत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अलग रखा जाए। महिला कॉलेजों को प्रस्तावित नए विश्वविद्यालयों में शामिल करने का निर्णय तत्काल वापस हो। परंपरागत विवि की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता बरकरार रहे। शिक्षा के बाजारीकरण-निजीकरण पर रोक लगे। बंद कमरों में नीतियां थोपने के बजाय शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर खुली चर्चा की जाए। विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के खिलाफ शनिवार को शिक्षकों, छात्राओं और शिक्षकेतर कर्मियों ने प्रदर्शन किया। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्यभर से शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी जेडी वीमेंस कॉलेज परिसर में जुटे। प्रदर्शनकारी नए कानून के तहत पारंपरिक कॉलेजों को माता सीता विश्वविद्यालय और दिनकर विश्वविद्यालय में शामिल करने के खिलाफ लोकभवन मार्च निकाल रहे थे। जैसे ही मार्च कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंचा, पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। नहीं मानने पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें महिला शिक्षकों प्रो. प्रिया, प्रो. बृजबाला और प्रो. मंजरी नाथ के साथ कई कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने चार दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें देर शाम छोड़ दिया गया। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार ने इस कानून और विलय के फैसले को वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन राज्यभर के शैक्षणिक संस्थानों में उग्र रूप लेगा। गंगा प्रसाद झा, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. शैलेश कुमार, वेंकटेश कुमार, रोहित कुमार, त्रिपुरारि प्रसाद, दीपक कुमार, विश्वजीत कुमार, सुशील कुमार, प्रो. प्रिया, प्रो. बृजबाला, प्रो. मंजरी नाथ आदि प्रदर्शन में शामिल थे। प्रमुख मांगें: बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के प्रावधानों से परंपरागत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अलग रखा जाए। महिला कॉलेजों को प्रस्तावित नए विश्वविद्यालयों में शामिल करने का निर्णय तत्काल वापस हो। परंपरागत विवि की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता बरकरार रहे। शिक्षा के बाजारीकरण-निजीकरण पर रोक लगे। बंद कमरों में नीतियां थोपने के बजाय शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर खुली चर्चा की जाए।  

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