भास्कर न्यूज| किशनगंज डीएम नवीन कुमार के निर्देश पर शनिवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की ओर से भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भारत के प्रथम गांव कद्दूभिट्टा के आदिवासी टोला में किसानों के लिए प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फसल विविधीकरण और बहुस्तरीय खेती की जानकारी दी गई। उद्यमी एवं प्रगतिशील कृषक ललिता कुमारी ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में किसानों को ड्रैगन फ्रूट की वैज्ञानिक खेती तथा विभिन्न सब्जियों के साथ बहुस्तरीय खेती अपनाने की तकनीक समझाई। उन्होंने कम भूमि में विभिन्न फसलों की खेती कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और अतिरिक्त आय अर्जित करने के तरीके बताए। प्रशिक्षण में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने तथा खेती को लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया। सीमित कृषि भूमि वाले किसानों ने इस पद्धति में विशेष रुचि दिखाई। कृषि विभाग के सहयोग से कार्यक्रम में शामिल सभी 50 किसानों के खेतों में बहुस्तरीय खेती को बढ़ावा देने की योजना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मी और एसएसबी के जवान मौजूद थे। भास्कर न्यूज| किशनगंज डीएम नवीन कुमार के निर्देश पर शनिवार को कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की ओर से भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भारत के प्रथम गांव कद्दूभिट्टा के आदिवासी टोला में किसानों के लिए प्रशिक्षण-सह-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फसल विविधीकरण और बहुस्तरीय खेती की जानकारी दी गई। उद्यमी एवं प्रगतिशील कृषक ललिता कुमारी ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में किसानों को ड्रैगन फ्रूट की वैज्ञानिक खेती तथा विभिन्न सब्जियों के साथ बहुस्तरीय खेती अपनाने की तकनीक समझाई। उन्होंने कम भूमि में विभिन्न फसलों की खेती कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और अतिरिक्त आय अर्जित करने के तरीके बताए। प्रशिक्षण में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने तथा खेती को लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया। सीमित कृषि भूमि वाले किसानों ने इस पद्धति में विशेष रुचि दिखाई। कृषि विभाग के सहयोग से कार्यक्रम में शामिल सभी 50 किसानों के खेतों में बहुस्तरीय खेती को बढ़ावा देने की योजना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मी और एसएसबी के जवान मौजूद थे।

