‘धार्मिक युवा सम्मेलन से Gen-Z को देंगे सही दिशा’:मुजफ्फरपुर पहुंचे बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष, बोले- मठ-मंदिरों की जमीन कब्जा मुक्त होगी

‘धार्मिक युवा सम्मेलन से Gen-Z को देंगे सही दिशा’:मुजफ्फरपुर पहुंचे बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष, बोले- मठ-मंदिरों की जमीन कब्जा मुक्त होगी

बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रघुवीर नंदन ने बुधवार को मुजफ्फरपुर में कहा कि युवाओं को धार्मिक और सामाजिक रूप से सही दिशा देने के लिए जल्द धार्मिक युवा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उनका कहना है कि इस सम्मेलन के माध्यम से युवाओं में बेहतर संस्कार और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास होगा। युवा अपनी मांगों और समस्याओं को सड़क पर उतरकर गलत तरीके से रखने के बजाय धार्मिक और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचा सकें, इसके लिए उन्हें मंच उपलब्ध कराया जाएगा। रघुवीर नंदन बुधवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बाबा गरीबनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने मठ-मंदिरों के विकास, धार्मिक न्यास की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और युवाओं को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने की योजनाओं पर जानकारी दी। युवाओं को सही दिशा देने पर जोर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि आज का युवा पहले की अपेक्षा अधिक धार्मिक है। इसी भावना को सकारात्मक दिशा देने के लिए धार्मिक युवा सम्मेलन का आयोजन करने का संकल्प लिया गया है। इसके माध्यम से युवाओं में बेहतर संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि कई बार युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर जाते हैं और गलत तरीके से अपनी बात रखते हैं। धार्मिक सम्मेलन के माध्यम से उन्हें ऐसा मंच दिया जाएगा, जहां वे अपनी बातों और समस्याओं को शांतिपूर्ण एवं सही तरीके से सरकार तक पहुंचा सकें। मठ-मंदिरों के विकास का रोडमैप रघुवीर नंदन ने कहा कि बिहार के सभी मठ-मंदिरों के विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। मठ और मंदिरों में शैक्षणिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक न्यास बोर्ड मठ-मंदिरों की व्यवस्था और सुविधाओं के विस्तार को लेकर गंभीर है। 40 हजार एकड़ जमीन का सर्वे उन्होंने बताया कि पूर्व में कराए गए सर्वे के अनुसार बिहार में धार्मिक न्यास बोर्ड से जुड़ी करीब 40 हजार एकड़ जमीन है। इन जमीनों पर अतिक्रमण और कब्जे को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में अब तक कई स्तर पर पत्राचार भी किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि मठ-मंदिरों की जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ ही कबीर पंथ से जुड़ी जमीन का भी आकलन किया जा रहा है। इस पूरे काम में सूक्ष्मता के साथ रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति की जांच की जा रही है। अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई जारी उन्होंने कहा कि धार्मिक न्यास की जमीन पर पूर्व से किए गए कब्जे को मुक्त कराने को लेकर बोर्ड गंभीर है। इसके लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मठ-मंदिरों की संपत्ति और जमीन को सुरक्षित रखना धार्मिक न्यास बोर्ड की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुजफ्फरपुर के मंदिरों पर भी फोकस मुजफ्फरपुर के मठ-मंदिरों की जमीन से अवैध कब्जा हटाने के सवाल पर भी उन्होंने कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों की जमीन का संरक्षण और उसका सही उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। बोर्ड इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। चार प्रमुख विषयों पर काम रघुवीर नंदन ने कहा कि मठ-मंदिरों के विकास को लेकर चार प्रमुख विषयों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। इसमें धार्मिक गतिविधियों के साथ शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देना भी शामिल है। उनका कहना है कि मठ-मंदिर केवल पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि समाज में संस्कार और सकारात्मक बदलाव के केंद्र भी बनें, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रघुवीर नंदन ने बुधवार को मुजफ्फरपुर में कहा कि युवाओं को धार्मिक और सामाजिक रूप से सही दिशा देने के लिए जल्द धार्मिक युवा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उनका कहना है कि इस सम्मेलन के माध्यम से युवाओं में बेहतर संस्कार और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास होगा। युवा अपनी मांगों और समस्याओं को सड़क पर उतरकर गलत तरीके से रखने के बजाय धार्मिक और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचा सकें, इसके लिए उन्हें मंच उपलब्ध कराया जाएगा। रघुवीर नंदन बुधवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बाबा गरीबनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने मठ-मंदिरों के विकास, धार्मिक न्यास की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और युवाओं को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने की योजनाओं पर जानकारी दी। युवाओं को सही दिशा देने पर जोर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि आज का युवा पहले की अपेक्षा अधिक धार्मिक है। इसी भावना को सकारात्मक दिशा देने के लिए धार्मिक युवा सम्मेलन का आयोजन करने का संकल्प लिया गया है। इसके माध्यम से युवाओं में बेहतर संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि कई बार युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर जाते हैं और गलत तरीके से अपनी बात रखते हैं। धार्मिक सम्मेलन के माध्यम से उन्हें ऐसा मंच दिया जाएगा, जहां वे अपनी बातों और समस्याओं को शांतिपूर्ण एवं सही तरीके से सरकार तक पहुंचा सकें। मठ-मंदिरों के विकास का रोडमैप रघुवीर नंदन ने कहा कि बिहार के सभी मठ-मंदिरों के विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। मठ और मंदिरों में शैक्षणिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक न्यास बोर्ड मठ-मंदिरों की व्यवस्था और सुविधाओं के विस्तार को लेकर गंभीर है। 40 हजार एकड़ जमीन का सर्वे उन्होंने बताया कि पूर्व में कराए गए सर्वे के अनुसार बिहार में धार्मिक न्यास बोर्ड से जुड़ी करीब 40 हजार एकड़ जमीन है। इन जमीनों पर अतिक्रमण और कब्जे को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में अब तक कई स्तर पर पत्राचार भी किया गया है। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि मठ-मंदिरों की जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ ही कबीर पंथ से जुड़ी जमीन का भी आकलन किया जा रहा है। इस पूरे काम में सूक्ष्मता के साथ रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति की जांच की जा रही है। अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई जारी उन्होंने कहा कि धार्मिक न्यास की जमीन पर पूर्व से किए गए कब्जे को मुक्त कराने को लेकर बोर्ड गंभीर है। इसके लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मठ-मंदिरों की संपत्ति और जमीन को सुरक्षित रखना धार्मिक न्यास बोर्ड की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुजफ्फरपुर के मंदिरों पर भी फोकस मुजफ्फरपुर के मठ-मंदिरों की जमीन से अवैध कब्जा हटाने के सवाल पर भी उन्होंने कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों की जमीन का संरक्षण और उसका सही उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। बोर्ड इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। चार प्रमुख विषयों पर काम रघुवीर नंदन ने कहा कि मठ-मंदिरों के विकास को लेकर चार प्रमुख विषयों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। इसमें धार्मिक गतिविधियों के साथ शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देना भी शामिल है। उनका कहना है कि मठ-मंदिर केवल पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि समाज में संस्कार और सकारात्मक बदलाव के केंद्र भी बनें, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है।  

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