अलवर नगर निगम में 329 सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों ने बुधवार को नगर निगम के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गेट पर ताला लगा दिया और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद अभ्यर्थी सड़क पर बैठ गए और यातायात रोककर जाम लगा दिया। इससे मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
17 अगस्त को भी नहीं मिले नियुक्ति पत्र
यह मामला पिछले कई दिनों से लगातार सुर्खियों में है। नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर 12 अगस्त को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा भी अभ्यर्थियों के समर्थन में धरने पर बैठे थे। करीब पांच घंटे चले धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। बाकी अभ्यर्थियों को भी जल्द नियुक्ति पत्र देने का भरोसा दिलाया गया था।
इसके बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि उनकी बाकी मांग जल्द पूरी हो जाएगी। 17 अगस्त को उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का आश्वासन भी दिया गया था। अभ्यर्थियों का कहना था कि लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का इसी कार्यक्रम में समाधान हो जाएगा। हालांकि कार्यक्रम में भी बाकी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिले।
सिर्फ आश्वासन मिल रहा
इसके बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा और बढ़ गया। बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अलवर नगर निगम पहुंचे और मुख्य गेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पहले निगम का मुख्य गेट बंद किया और फिर उस पर ताला लगा दिया। कुछ देर बाद उन्होंने सड़क पर भी जाम लगा दिया। इससे निगम आने-जाने वाले लोगों के साथ वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र के लिए बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि पांच लोगों को नियुक्ति पत्र देकर बाकी अभ्यर्थियों को फिर इंतजार करने के लिए छोड़ दिया गया। ऐसे में अब वे लिखित और स्पष्ट रूप से सभी 329 पदों पर नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं और अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। मामले को लेकर निगम प्रशासन और अभ्यर्थियों के बीच गतिरोध बना हुआ है।

