1857 की क्रांति के महानायक अमर शहीद धनसिंह कोतवाल को राष्ट्रीय पहचान और सम्मान दिलाने के लिए आज से मेरठ से दिल्ली तक पदयात्रा शुरू होने जा रही है। भारतीय किसान यूनियन धनसिंह कोतवाल के नेतृत्व में सदर क्षेत्र के भैंसाली मैदान के निकट भैंसाली मेट्रो स्टेशन से इस पदयात्रा का आगाज होगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुर्जर के नेतृत्व में निकलने वाली यह यात्रा चार नवंबर को दिल्ली स्थित किसान घाट पहुंचेगी। यहां विशाल पंचायत आयोजित कर धनसिंह कोतवाल को भारत रत्न देने समेत तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी जाएंगी। संगठन ने पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसानों, नौजवानों और ट्रैक्टरों के साथ कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया है। महापुरुषों को सही सम्मान दिलाने का प्रयास
पवन गुर्जर ने बताया कि यह पदयात्रा 1857 की क्रांति के महानायक, भारत माता के वीर सपूत अमर शहीद धनसिंह कोतवाल की स्मृति और सम्मान में आयोजित की जा रही है। मेरठ की धरती से शुरू होने वाली इस यात्रा का उद्देश्य देश की आजादी की पहली लड़ाई में धनसिंह कोतवाल के योगदान और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। तीन प्रमुख मांगो को उठाया जायेगा
पवन गुर्जर ने बताया कि पदयात्रा के माध्यम से तीन प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। इनमें अमर शहीद धनसिंह कोतवाल को मरणोपरांत भारत रत्न देने, उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने और 1857 की क्रांति में उनके योगदान एवं बलिदान को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग शामिल है। ट्रैक्टरों का काफ़िला भी शामिल रहेगा
प्रदेश अध्यक्ष नितेश पवार ने कहा कि पदयात्रा में ट्रैक्टरों का काफिला भी शामिल रहेगा। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक पदयात्रियों का स्वागत करेंगे। संगठन की योजना अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने की है, ताकि धनसिंह कोतवाल के इतिहास और उनकी शहादत को लेकर व्यापक जनजागरूकता पैदा हो सके। किसानों-मजदूरों के मुद्दों पर भी सक्रिय है संगठन
नितेश ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुर्जर ने अगस्त, 2026 में कहा था कि किसानों के हित में सरकार के फैसलों का समर्थन और किसान विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। संगठन खाद की किल्लत, बिजली की समस्याओं और किसानों की दूसरी स्थानीय समस्याओं को लेकर भी प्रदर्शन और ज्ञापन दे चुका है। तीन चरणों में दिल्ली पहुंचेगी पदयात्रा
संगठन की ओर से तय कार्यक्रम के मुताबिक, एक नवंबर यानि आज मेरठ से पदयात्रा शुरू होकर दो नवंबर को यात्रा मोदीनगर से गाजियाबाद की ओर बढ़ेगी, जबकि तीन नवंबर को गाजियाबाद से गाजीपुर बॉर्डर तक पहुंचेगी। चार नवंबर को दिल्ली के किसान घाट पर विशाल पंचायत आयोजित होगी। जयंती पर भी कार्यक्रम की तैयारी
संगठन धनसिंह कोतवाल की स्मृति को स्थायी पहचान दिलाने के लिए उनकी जन्मस्थली पांचली में भी कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। 27 नवंबर 2026 को उनकी जयंती पर पांचली स्थित स्मृति स्थल पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इन तीन मांगों पर रहेगा जोर
– अमर शहीद धनसिंह कोतवाल को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए।
– 27 नवंबर को उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
– 1857 की क्रांति में उनके योगदान और बलिदान को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

