दोमुहान छठ घाट पर उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब:दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान; बतरे-बटाने नदी के पावन संगम पर भव्य मेले का होगा आयोजन

दोमुहान छठ घाट पर उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब:दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान; बतरे-बटाने नदी के पावन संगम पर भव्य मेले का होगा आयोजन

औरंगाबाद में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। बतरे और बटाने नदी के पावन संगम स्थल भास्कर नगर दोमुहान, सड़सा स्थित सूर्य मंदिर और छठ घाट पर इस साल आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। यहां छठ पूजा के अवसर पर लगने वाला मेला जिले के प्रमुख छठ मेलों में शामिल है। प्रत्येक वर्ष दो लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान सूर्य की उपासना और अर्घ्य अर्पित करने के लिए यहां पहुंचते हैं। दोमुहान छठ घाट की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। बतरे और बटाने नदी के संगम पर स्थित होने के कारण इस स्थल का विशेष महत्व है। यहां औरंगाबाद जिला मुख्यालय के अलावा जिले के विभिन्न प्रखंडों और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। छठ के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब जाता है। घाट पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। घाट पर रोशनी, चेंजिंग रूम की व्यवस्था सूर्य मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर और छठ घाट की साफ-सफाई, मंदिर की आकर्षक सजावट, घाट तक पहुंचने वाले रास्तों को व्यवस्थित करने तथा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। स्नान के बाद महिलाओं को कपड़े बदलने में परेशानी न हो, इसके लिए चेंजिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं। समिति का प्रयास है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और ठहरने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो। युवाओं को सौंपी गई मेले की जिम्मेदारी, गठित हुई आयोजन समिति छठ मेला को व्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए सूर्य मंदिर समिति की ओर से मेला आयोजन समिति का गठन किया गया है। इसमें स्थानीय युवाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष सिंहेश सिंह, सिद्धेश्वर सिंह, गोपाल सिंह और धीरज सिंह ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से युवाओं को समिति में शामिल किया गया है, ताकि सभी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ ग्रामीणों को भी मिली जिम्मेदारी गठित मेला आयोजन समिति का अध्यक्ष विक्की कुमार सिंह को बनाया गया है। दीपक कुमार सिंह और प्रवीण कुमार सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। सोनू कुमार सिंह को सचिव तथा राहुल कुमार सिंह को सहसचिव चुना गया है। वहीं सोनल कुमार सिंह, कृष कुमार और अभिनव कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा विशाल कुमार सिंह, रौशन कुमार सिंह, गोविंदा कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, बिट्टू कुमार सिंह, बिट्टू, रुपेश, संजीत बम, अंजीत, सोनल कुमार, निखिल, राजा और प्रिंस को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के सदस्यों के साथ सड़सा, पहरा और आसपास के गांवों के ग्रामीण भी आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों की भागीदारी से साफ-सफाई, पंडाल निर्माण, सजावट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन समिति का मानना है कि ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से ही इतने बड़े मेले का सफल संचालन संभव है। 14 नवंबर को खरना के दिन होगा मेले का उद्घाटन दोमुहान छठ मेला का विधिवत उद्घाटन 14 नवंबर को खरना के अवसर पर किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चार दिन पूर्व रिसियप थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने मेला आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने मेले के विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने को कहा था, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। खासकर छठ घाट, मंदिर परिसर और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की निगरानी रहेगी। समिति के वालंटियर भी श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे। घाट तक पहुंचने और वहां से वापस लौटने के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिहार-झारखंड के कलाकार देंगे प्रस्तुति दोमुहान छठ मेला में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी। मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष विक्की कुमार सिंह ने बताया कि छठ पर्व के उपवास के अवसर पर भव्य भक्ति जागरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें बिहार और झारखंड के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा वृंदावन से आने वाले कलाकारों की ओर से आकर्षक धार्मिक झांकी प्रस्तुत की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। मेले से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। समिति के सदस्य पूरी तत्परता और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। छठ लोक आस्था का महापर्व है। बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु पूरी पवित्रता और निष्ठा के साथ भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। सड़सा गांव के ग्रामीणों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिलता है। औरंगाबाद में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। बतरे और बटाने नदी के पावन संगम स्थल भास्कर नगर दोमुहान, सड़सा स्थित सूर्य मंदिर और छठ घाट पर इस साल आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। यहां छठ पूजा के अवसर पर लगने वाला मेला जिले के प्रमुख छठ मेलों में शामिल है। प्रत्येक वर्ष दो लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान सूर्य की उपासना और अर्घ्य अर्पित करने के लिए यहां पहुंचते हैं। दोमुहान छठ घाट की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। बतरे और बटाने नदी के संगम पर स्थित होने के कारण इस स्थल का विशेष महत्व है। यहां औरंगाबाद जिला मुख्यालय के अलावा जिले के विभिन्न प्रखंडों और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। छठ के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब जाता है। घाट पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। घाट पर रोशनी, चेंजिंग रूम की व्यवस्था सूर्य मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर और छठ घाट की साफ-सफाई, मंदिर की आकर्षक सजावट, घाट तक पहुंचने वाले रास्तों को व्यवस्थित करने तथा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। स्नान के बाद महिलाओं को कपड़े बदलने में परेशानी न हो, इसके लिए चेंजिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं। समिति का प्रयास है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और ठहरने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो। युवाओं को सौंपी गई मेले की जिम्मेदारी, गठित हुई आयोजन समिति छठ मेला को व्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए सूर्य मंदिर समिति की ओर से मेला आयोजन समिति का गठन किया गया है। इसमें स्थानीय युवाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष सिंहेश सिंह, सिद्धेश्वर सिंह, गोपाल सिंह और धीरज सिंह ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से युवाओं को समिति में शामिल किया गया है, ताकि सभी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ ग्रामीणों को भी मिली जिम्मेदारी गठित मेला आयोजन समिति का अध्यक्ष विक्की कुमार सिंह को बनाया गया है। दीपक कुमार सिंह और प्रवीण कुमार सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। सोनू कुमार सिंह को सचिव तथा राहुल कुमार सिंह को सहसचिव चुना गया है। वहीं सोनल कुमार सिंह, कृष कुमार और अभिनव कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा विशाल कुमार सिंह, रौशन कुमार सिंह, गोविंदा कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, बिट्टू कुमार सिंह, बिट्टू, रुपेश, संजीत बम, अंजीत, सोनल कुमार, निखिल, राजा और प्रिंस को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के सदस्यों के साथ सड़सा, पहरा और आसपास के गांवों के ग्रामीण भी आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों की भागीदारी से साफ-सफाई, पंडाल निर्माण, सजावट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन समिति का मानना है कि ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से ही इतने बड़े मेले का सफल संचालन संभव है। 14 नवंबर को खरना के दिन होगा मेले का उद्घाटन दोमुहान छठ मेला का विधिवत उद्घाटन 14 नवंबर को खरना के अवसर पर किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चार दिन पूर्व रिसियप थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने मेला आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने मेले के विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और पर्याप्त संख्या में वालंटियर तैनात करने को कहा था, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। खासकर छठ घाट, मंदिर परिसर और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की निगरानी रहेगी। समिति के वालंटियर भी श्रद्धालुओं की सहायता करेंगे। घाट तक पहुंचने और वहां से वापस लौटने के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिहार-झारखंड के कलाकार देंगे प्रस्तुति दोमुहान छठ मेला में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी। मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष विक्की कुमार सिंह ने बताया कि छठ पर्व के उपवास के अवसर पर भव्य भक्ति जागरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें बिहार और झारखंड के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा वृंदावन से आने वाले कलाकारों की ओर से आकर्षक धार्मिक झांकी प्रस्तुत की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। मेले से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। समिति के सदस्य पूरी तत्परता और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। छठ लोक आस्था का महापर्व है। बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु पूरी पवित्रता और निष्ठा के साथ भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। सड़सा गांव के ग्रामीणों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिलता है।  

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