औरंगाबाद के देव में छठ मेले के सफल आयोजन और लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ देव प्रखंड के पदाधिकारी और मंदिर न्यास समिति के सदस्य शामिल हुए। डीएम ने बताया कि देव कार्तिक छठ मेला 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 16 नवंबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। पौराणिक सूर्य मंदिर की प्रसिद्धि के कारण बिहार सहित दूसरे राज्यों से लाखों श्रद्धालु यहां छठ व्रत करने पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम ने देव से जुड़ने वाली सभी सड़कों की मरम्मत तत्काल पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही मेला क्षेत्र में बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाने के लिए स्थल चिह्नित करने को कहा। स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने तथा पर्याप्त महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। पेयजल और चिकित्सा की होगी विशेष व्यवस्था मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कई स्थानों पर अस्थायी आवासन केंद्र बनाए जाने की योजना है। इनमें राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय का मैदान, संत विजय दास धर्मशाला, बहुआरा मोड़, हरिकीर्तन बिगहा, सिंचाई कॉलोनी मैदान, चांदपुर मध्य विद्यालय मैदान और दिवाकर नगर सहित अन्य स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों पर टेंट, पंडाल, रोशनी, जनरेटर और दरी की व्यवस्था विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बैंकों तथा प्रशासन के सहयोग से की जाएगी। आवासन स्थलों के चयन की जिम्मेदारी देव के प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को सौंपी गई है। डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और मेला अवधि में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर भी लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएंगे। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सात एंबुलेंस, स्ट्रेचर, जीवनरक्षक दवाएं तथा महिला और पुरुष विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात की जाएगी। वाहनों की भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन समिति को पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। सीसीटीवी से निगरानी, सूर्यकुंड पर गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था छठ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। मेला क्षेत्र में पांच अग्निशमन वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इनमें सूर्यकुंड के समीप दो, थाना के पास दो और प्रखंड परिसर के समीप एक वाहन तैनात रहेगा। इसके अलावा आवासन स्थलों पर भी आवश्यकतानुसार अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था होगी। आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया जाएगा। दोनों सूर्यकुंड तालाबों के पास गोताखोर, लाइफ जैकेट, जाल और अन्य बचाव उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सूर्य मंदिर के गर्भगृह, अर्घ्य स्थलों और मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और आवश्यकतानुसार स्वयंसेवक एवं एनसीसी कैडेट तैनात रहेंगे। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, सदर एसडीओ गौरव सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि देव कार्तिक छठ मेले का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। औरंगाबाद के देव में छठ मेले के सफल आयोजन और लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ देव प्रखंड के पदाधिकारी और मंदिर न्यास समिति के सदस्य शामिल हुए। डीएम ने बताया कि देव कार्तिक छठ मेला 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 16 नवंबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। पौराणिक सूर्य मंदिर की प्रसिद्धि के कारण बिहार सहित दूसरे राज्यों से लाखों श्रद्धालु यहां छठ व्रत करने पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम ने देव से जुड़ने वाली सभी सड़कों की मरम्मत तत्काल पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही मेला क्षेत्र में बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाने के लिए स्थल चिह्नित करने को कहा। स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने तथा पर्याप्त महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। पेयजल और चिकित्सा की होगी विशेष व्यवस्था मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कई स्थानों पर अस्थायी आवासन केंद्र बनाए जाने की योजना है। इनमें राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय का मैदान, संत विजय दास धर्मशाला, बहुआरा मोड़, हरिकीर्तन बिगहा, सिंचाई कॉलोनी मैदान, चांदपुर मध्य विद्यालय मैदान और दिवाकर नगर सहित अन्य स्थान शामिल हैं। इन केंद्रों पर टेंट, पंडाल, रोशनी, जनरेटर और दरी की व्यवस्था विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बैंकों तथा प्रशासन के सहयोग से की जाएगी। आवासन स्थलों के चयन की जिम्मेदारी देव के प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को सौंपी गई है। डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और मेला अवधि में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर भी लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएंगे। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सात एंबुलेंस, स्ट्रेचर, जीवनरक्षक दवाएं तथा महिला और पुरुष विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात की जाएगी। वाहनों की भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन समिति को पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। सीसीटीवी से निगरानी, सूर्यकुंड पर गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था छठ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। मेला क्षेत्र में पांच अग्निशमन वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इनमें सूर्यकुंड के समीप दो, थाना के पास दो और प्रखंड परिसर के समीप एक वाहन तैनात रहेगा। इसके अलावा आवासन स्थलों पर भी आवश्यकतानुसार अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था होगी। आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया जाएगा। दोनों सूर्यकुंड तालाबों के पास गोताखोर, लाइफ जैकेट, जाल और अन्य बचाव उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सूर्य मंदिर के गर्भगृह, अर्घ्य स्थलों और मेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और आवश्यकतानुसार स्वयंसेवक एवं एनसीसी कैडेट तैनात रहेंगे। बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, सदर एसडीओ गौरव सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि देव कार्तिक छठ मेले का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

