देवरिया में दशहरा मेले के समापन के बाद बुधवार को जिलेभर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। शहर से लेकर गांवों तक भव्य जुलूस निकाले गए। अबीर-गुलाल उड़ाते और जयकारे लगाते श्रद्धालु प्रतिमाओं को नदी घाटों तक ले गए और विसर्जन किया। देर शाम तक पटनवा पुल, सरयू नदी और महुआपाटन घाट समेत विभिन्न स्थानों पर विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। सलेमपुर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन जुलूस में शामिल हुए। दशहरा मेले के दौरान पिछले तीन दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ था। कभी बारिश तो कभी धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। विसर्जन के दिन सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गईं। पुरोहितों ने प्रतिमाओं का पूजन कराया। इसके बाद उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर स्थापित कर जुलूस निकाले गए। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच प्रतिमाओं को नगर और गांवों में भ्रमण कराया गया। जुलूस के रास्तों पर जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर प्रतिमाओं का स्वागत किया। महिलाएं, बच्चे और युवा भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। कई स्थानों पर राधा-कृष्ण और भगवान शिव-पार्वती की झांकियां भी निकाली गईं। मकानों की छतों और बालकनियों से लोगों ने मां दुर्गा को प्रणाम कर विदाई दी। पटनवा पुल, महुआपाटन और बरहज घाट पर विसर्जन
देवरिया शहर के राघव नगर, नगरपालिका रोड, स्टेशन रोड, हनुमान मंदिर, रामनाथ देवरिया, देवरिया खास, सब्जी मंडी, न्यू कॉलोनी, गरुलपार, रामगुलाम टोला, गायत्रीपुरम, भुजौली कॉलोनी, रुद्रपुर, भटवलिया मोड़ और भिखमपुर रोड समेत विभिन्न स्थानों से प्रतिमाएं विसर्जन के लिए निकाली गईं। श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर पटनवा पुल, महुआपाटन और बरहज स्थित सरयू नदी के घाटों पर पहुंचे। दिन चढ़ने के साथ बड़ी प्रतिमाओं के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर अगले साल फिर आने की कामना के साथ मां दुर्गा को विदाई दी। सलेमपुर में भी विसर्जन जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
सुरक्षा के लिए रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस तैनात
प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए थे। रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस तैनात की गई थीं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी पुलिस बल के साथ व्यवस्था संभालते रहे। पटनवा पुल पर प्रतिमा विसर्जन की विशेष व्यवस्था की गई थी। बड़ी प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित कराने के लिए जेसीबी लगाई गई थी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि तैरना नहीं जानने वाले लोग नदी में न उतरें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। तरकुलवा क्षेत्र के सोन्हुला रामनगर, बसंतपुर धूसी और गढ़रामपुर में थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने व्यवस्था संभाली। पटनवा पुल पर रामपुर कारखाना के थानाध्यक्ष और बघौचघाट क्षेत्र के अहिरौली व कोइलसवां में संबंधित थानाध्यक्ष निगरानी करते रहे। पुलिसकर्मियों ने जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
डीएम-एसपी ने विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया
प्रतिमा विसर्जन को सकुशल संपन्न कराने के लिए बुधवार को डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर ने रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के पटनवा पुल स्थित विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को जलाशय से सुरक्षित दूरी पर रखने, प्रतिमाओं का क्रमबद्ध विसर्जन कराने और वाहनों का आवागमन सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पूजा समितियों और आयोजकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायतें
विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायतें भी सामने आईं। आरोप है कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ मूर्ति समितियों ने निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए तेज आवाज में डीजे बजाया। इसकी आवाज और कंपन से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने तेज आवाज को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी निगरानी की जरूरत बताई। डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए।
विसर्जन जुलूस से शहर से गांव तक लगा जाम
प्रतिमा विसर्जन के चलते जिले में कई जगह यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। जुलूसों में उमड़ी भीड़ के कारण सड़कें व्यस्त हो गईं और दोपहिया व चारपहिया वाहन जाम में फंस गए। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देवरिया शहर के अलावा बघौचघाट बाजार, पथरदेवा, सलेमपुर, कंचनपुर, डुमरी, बरहज, भटनी, लार और कपरवार में भी जाम की स्थिति बनी रही। जुलूसों के रास्तों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

