दिल्ली-एनसीआर में 100 से ज्यादा पिस्टल खपाने वाला गिरोह पकड़ा:पुलिस मुठभेड़ में एक तस्कर को लगी गोली, तीन साथी कांबिंग के बाद गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में 100 से ज्यादा पिस्टल खपाने वाला गिरोह पकड़ा:पुलिस मुठभेड़ में एक तस्कर को लगी गोली, तीन साथी कांबिंग के बाद गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे गिरोह पर मेरठ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। परतापुर पुलिस और एसओजी की टीम ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के अंडरपास के पास मुठभेड़ के बाद गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में गिरोह का कथित सरगना आमिर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके तीन साथी मौके से भाग निकले, लेकिन पुलिस टीमों ने घेराबंदी और कांबिंग करते हुए तीनों को भी कुछ देर बाद पकड़ लिया। एसएसपी बीबी जीटीएस ने पुलिस लाइन में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इन हथियार तस्करों के कब्जे से .32 बोर की सात पिस्टल, 20 कारतूस और चोरी की बाइक व स्कूटी बरामद हुई है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर में अब तक 100 से ज्यादा अवैध पिस्टल सप्लाई कर चुका है। गिरोह के सदस्य हथियारों को 30 से 35 हजार रुपये में खरीदते थे और दिल्ली-एनसीआर में 60 से 70 हजार रुपये तक में बेचते थे। एक्सप्रेसवे अंडरपास पर हथियार तस्करों का इंतजार
एसएसपी की मानें तो 13/14 सितंबर की रात परतापुर पुलिस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के कुछ सदस्य दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के अंडरपास के पास मिलने आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस को उम्मीद थी कि हथियारों की खेप लेकर तस्कर यहां पहुंचेंगे। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक सवार वहां पहुंचे। पुलिस टीम ने उन्हें घेरने का प्रयास किया तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। पैर में गोली लगने से सरगना घायल
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली आमिर पुत्र हाजी फरियाद निवासी वेलकम कॉलोनी, नई दिल्ली के पैर में लगी। वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर उपचार के लिए भेजा। पुलिस के अनुसार, आमिर ही गिरोह का मुख्य सरगना है और लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था।
मुठभेड़ के दौरान आमिर के तीन साथी शोएब पुत्र हमराज अल्वी निवासी राशिद नगर, ब्रह्मपुरी, शादान उर्फ पकौड़ी पुत्र शाहिद मंसूरी निवासी माधवपुरम, ब्रह्मपुरी और साजिद पुत्र दीन मोहम्मद उर्फ दीनू निवासी रांगणों की चौपाल मौके से भाग निकले। भागे तीनों तस्करों के पीछे दौड़ीं पुलिस टीमें
तीन आरोपियों के फरार होने के बाद पुलिस टीमों ने आसपास के इलाके में कांबिंग शुरू कर दी। पुलिस ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की और तलाश अभियान चलाया। कुछ देर की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को भी पुलिस ने दबोच लिया। इसके बाद चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। 30-35 हजार में खरीद, 60-70 हजार में बिक्री
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर तक फैला हुआ था। गिरोह के सदस्य अवैध पिस्टल करीब 30 से 35 हजार रुपये में खरीदते थे। इसके बाद मांग और ग्राहक के हिसाब से इन्हें 60 से 70 हजार रुपये तक में बेच दिया जाता था। इस तरह प्रत्येक पिस्टल पर तस्करों को भारी मुनाफा होता था। 100 से ज्यादा पिस्टल सप्लाई करने का दावा
एसएसपी के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आमिर अब तक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 100 से अधिक अवैध पिस्टल सप्लाई कर चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से खरीदे जाते थे और गिरोह के संपर्क में कौन-कौन लोग हैं। हथियारों की सप्लाई किन अपराधियों तक पहुंचाई गई, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। बरामदगी ने खोला हथियार तस्करी के नेटवर्क का सिरा
पुलिस के हाथ लगी सात .32 बोर की पिस्टल और 20 कारतूस इस गिरोह के सक्रिय होने की ओर इशारा कर रहे हैं। चोरी की बाइक का इस्तेमाल हथियारों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। एसएसपी बोले- नेटवर्क खंगाल रही पुलिस एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी आमिर को पैर में गोली लगी है। गिरोह के हथियारों के स्रोत और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी के लिए पूछताछ की जा रही है।

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