बैरिकेडिंग से नाराज दुकानदारों ने नगर परिषद में शिकायत की:अररिया में EO ने कहा- पार्किंग के लिए रास्ता छोड़ा जाएगा, गलतफहमी दूर की

बैरिकेडिंग से नाराज दुकानदारों ने नगर परिषद में शिकायत की:अररिया में EO ने कहा- पार्किंग के लिए रास्ता छोड़ा जाएगा, गलतफहमी दूर की

अररिया शहर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से की जा रही बैरिकेडिंग को लेकर स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी सामने आई है। चांदनी चौक से नगर थाना तक दोनों ओर दुकान चलाने वाले तीन दर्जन से अधिक दुकानदार नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। दुकानदारों ने बैरिकेडिंग हटाने की मांग को लेकर नगर परिषद को आवेदन भी सौंपा। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें चांदनी चौक से नगर थाना के बीच सड़क के दोनों ओर स्थित हैं। दुकानों के सामने बैरिकेडिंग लगाए जाने से ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी होगी। बातचीत के दौरान मिसकम्युनिकेशन गैप दुकानदारों ने आशंका जताई कि ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से उनके कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी को लेकर उन्होंने नगर परिषद से बैरिकेडिंग की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने कहा कि दुकानदारों के साथ बातचीत के दौरान कुछ मिसकम्युनिकेशन गैप सामने आया। 10 फीट का रास्ता पार्किंग और लोगों की आवाजाही के लिए उन्होंने बताया कि दुकानदारों को यह जानकारी मिली थी कि कोर्ट परिसर से चांदनी चौक तक पूरी तरह बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया जाएगा, जबकि नगर परिषद की योजना ऐसी नहीं है। ईओ ने बताया कि शहर में नई और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके और सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहनों के खड़े होने की समस्या कम हो। उन्होंने कहा कि करीब 20 से 30 फीट के अंतराल पर लगभग 10 फीट का रास्ता पार्किंग और लोगों की आवाजाही के लिए उपलब्ध रहेगा। आशंकाओं को दूर करने का प्रयास नगर परिषद के अनुसार, बैरिकेडिंग का उद्देश्य दुकानदारों और ग्राहकों की आवाजाही रोकना नहीं, बल्कि यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करना है। ईओ ने दुकानदारों को पूरी व्यवस्था की जानकारी देते हुए उनकी आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बाजार क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और दुकानदारों की सुविधा के बीच किस तरह संतुलन बनता है। अररिया शहर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से की जा रही बैरिकेडिंग को लेकर स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी सामने आई है। चांदनी चौक से नगर थाना तक दोनों ओर दुकान चलाने वाले तीन दर्जन से अधिक दुकानदार नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। दुकानदारों ने बैरिकेडिंग हटाने की मांग को लेकर नगर परिषद को आवेदन भी सौंपा। दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकानें चांदनी चौक से नगर थाना के बीच सड़क के दोनों ओर स्थित हैं। दुकानों के सामने बैरिकेडिंग लगाए जाने से ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी होगी। बातचीत के दौरान मिसकम्युनिकेशन गैप दुकानदारों ने आशंका जताई कि ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से उनके कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी को लेकर उन्होंने नगर परिषद से बैरिकेडिंग की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने कहा कि दुकानदारों के साथ बातचीत के दौरान कुछ मिसकम्युनिकेशन गैप सामने आया। 10 फीट का रास्ता पार्किंग और लोगों की आवाजाही के लिए उन्होंने बताया कि दुकानदारों को यह जानकारी मिली थी कि कोर्ट परिसर से चांदनी चौक तक पूरी तरह बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया जाएगा, जबकि नगर परिषद की योजना ऐसी नहीं है। ईओ ने बताया कि शहर में नई और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके और सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहनों के खड़े होने की समस्या कम हो। उन्होंने कहा कि करीब 20 से 30 फीट के अंतराल पर लगभग 10 फीट का रास्ता पार्किंग और लोगों की आवाजाही के लिए उपलब्ध रहेगा। आशंकाओं को दूर करने का प्रयास नगर परिषद के अनुसार, बैरिकेडिंग का उद्देश्य दुकानदारों और ग्राहकों की आवाजाही रोकना नहीं, बल्कि यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करना है। ईओ ने दुकानदारों को पूरी व्यवस्था की जानकारी देते हुए उनकी आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बाजार क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और दुकानदारों की सुविधा के बीच किस तरह संतुलन बनता है।  

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