बिलासपुर के साइंस कॉलेज मैदान में होने वाले रावण दहन के आयोजन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने नगर निगम की ओर से रावण के पुतले, टेंट और आतिशबाजी के लिए जारी टेंडर पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने करीब 20 लाख रुपए के इस आयोजन को रद्द करने की मांग की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगर निगम पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या वहां सोने का रावण जलाया जाएगा? उन्होंने कहा कि जनता के पैसे खर्च करने के बजाय नगर निगम आयोजन की जिम्मेदारी कांग्रेस को दे। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने स्तर पर सहयोग राशि जुटाकर कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कांग्रेस ने उठाए खर्च पर सवाल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बिलासपुर में दशहरा और रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम लंबे समय से पुलिस ग्राउंड में होता आया है। उनका कहना है कि करीब 20 साल पहले नगर निगम में इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित हुआ था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सरकंडा के साइंस कॉलेज मैदान में अलग से दशहरा आयोजन कराने की जरूरत क्यों पड़ी और इसके लिए इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की जा रही है। 60-70 हजार के पुतले पर 6 लाख का टेंडर कांग्रेस नेताओं ने रावण के पुतले के लिए 6 लाख रुपए का टेंडर जारी किए जाने पर भी सवाल उठाया। उनका दावा है कि सामान्य तौर पर रावण का पुतला बनाने में करीब 60 से 70 हजार रुपए खर्च होते हैं। इसके अलावा टेंट के लिए 10 लाख और आतिशबाजी के लिए 4 लाख रुपए का प्रावधान किए जाने पर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने इसे जनता के पैसे का दुरुपयोग बताते हुए आयोजन को रद्द करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।

