बिहार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की ओर से नाम की घोषणा 29 सितंबर यानी मंगलवार को की गई। सर्वेश कुमार के लिए ये चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2020 के विधान परिषद चुनाव में उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। दरभंगा के सीएम कॉलेज में हुई मतगणना में सर्वेश कुमार को कुल 15,595 मत मिले थे। उन्होंने सर्वाधिक मत प्राप्त कर निर्वाचित होने का गौरव हासिल किया था। टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़े थे चुनाव साल 2020 में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद सर्वेश कुमार ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था। चुनाव में उन्हें 15,595 मत मिले, जबकि जदयू के डॉ. दिलीप कुमार चौधरी 11,676 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। अब करीब छह वर्ष बाद राजनीतिक समीकरण बदला है। जिस चुनाव में सर्वेश कुमार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे थे, उसी सीट पर इस बार भाजपा ने उन्हें आधिकारिक तौर पर अपना प्रत्याशी बनाया है। बेगूसराय के रहने वाले हैं सर्वेश कुमार सर्वेश कुमार का मूल राजनीतिक-सामाजिक जुड़ाव बेगूसराय से बताया जाता है।उनके चुनावी हलफनामे से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी उम्र 58 वर्ष है और उनका पेशा स्वरोजगार है, जबकि उनकी पत्नी गृहिणी हैं। उन्होंने राजेंद्र कॉलेज, छपरा से 1981 में विज्ञान विषय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वर्ष 2020 में भाजपा के टिकट पर दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को लेकर पार्टी के भीतर अलग समीकरण था। इस बार भाजपा ने सीधे 2020 के विजेता सर्वेश कुमार पर भरोसा जताया है। बिहार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान पार्षद सर्वेश कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की ओर से नाम की घोषणा 29 सितंबर यानी मंगलवार को की गई। सर्वेश कुमार के लिए ये चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष 2020 के विधान परिषद चुनाव में उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। दरभंगा के सीएम कॉलेज में हुई मतगणना में सर्वेश कुमार को कुल 15,595 मत मिले थे। उन्होंने सर्वाधिक मत प्राप्त कर निर्वाचित होने का गौरव हासिल किया था। टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़े थे चुनाव साल 2020 में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद सर्वेश कुमार ने पार्टी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था। चुनाव में उन्हें 15,595 मत मिले, जबकि जदयू के डॉ. दिलीप कुमार चौधरी 11,676 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। अब करीब छह वर्ष बाद राजनीतिक समीकरण बदला है। जिस चुनाव में सर्वेश कुमार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे थे, उसी सीट पर इस बार भाजपा ने उन्हें आधिकारिक तौर पर अपना प्रत्याशी बनाया है। बेगूसराय के रहने वाले हैं सर्वेश कुमार सर्वेश कुमार का मूल राजनीतिक-सामाजिक जुड़ाव बेगूसराय से बताया जाता है।उनके चुनावी हलफनामे से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी उम्र 58 वर्ष है और उनका पेशा स्वरोजगार है, जबकि उनकी पत्नी गृहिणी हैं। उन्होंने राजेंद्र कॉलेज, छपरा से 1981 में विज्ञान विषय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वर्ष 2020 में भाजपा के टिकट पर दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को लेकर पार्टी के भीतर अलग समीकरण था। इस बार भाजपा ने सीधे 2020 के विजेता सर्वेश कुमार पर भरोसा जताया है।

