दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल कैंपस में पिछले दो दिनों से घुटनों तक बारिश का पानी भरा हुआ है। बारिश के पानी के बीच से मरीजों के परिजन गुजरने को मजबूर हैं। परिजन के मुताबिक, रात के अंधेरे में पानी के बीच से गुजरने के दौरान अनहोनी की आशंका बनी रहती है। दरअसल, दरभंगा शहर में मंगलवार को करीब डेढ़ घंटे बारिश हुई थी, जिसके बाद अस्पताल कैंपस में अलग-अलग जगहों पर पानी भर गया था। मरीज के परिजन ने कहा कि बारिश के बाद जलजमाव के बीच शाम में अंधेरा होने के बाद जलजमाव वाले हिस्सों में सड़क और गड्ढे का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर पानी इतना जमा था कि लोगों को संभलकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ जलजमाव के बीच कुछ मरीजों को लेकर आने-जाने वाले परिजन ने भी समस्याओं पर बात की। वार्ड परिसर में पहुंचा पानी, बेड तक पहुंचने का डर DMCH के मेडिसिन वार्ड, बच्चा वार्ड समेत कई वार्डों के परिसर में बारिश का पानी प्रवेश कर गया। मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई तो जलजमाव और बढ़ सकता है तथा पानी वार्ड के अंदर मरीजों के बेड तक पहुंचने की स्थिति बन सकती है। सबसे गंभीर बात यह है कि बारिश के दो दिन बाद भी अस्पताल परिसर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इससे अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को रोजमर्रा के काम के लिए भी पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। ‘पानी में सांप घूमता है, डर के बीच बाहर निकलना पड़ता है’ हायाघाट प्रखंड के रुस्तमपुर से अपने भाई का इलाज कराने DMCH पहुंचे मो सोनू ने बताया कि उनके भाई करीब एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में पानी जमा होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। पानी में सांप भी घूमता है, जिससे डर बना रहता है। सोनू ने बताया कि वार्ड में पीने का पानी उपलब्ध नहीं था। इसी कारण पानी बोतल में भरने के लिए उन्हें बाहर निकलना पड़ा। लेकिन अस्पताल परिसर में जलजमाव के कारण आने-जाने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि DMCH जैसे बड़े अस्पताल में जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी परेशानी नहीं झेलनी पड़े। भोजन-पानी लेकर जा रहे परिजन रास्ते से लौटे समस्तीपुर जिले के वारिसनगर से मरीज सुनीता देवी का इलाज कराने पहुंचे उनके बुजुर्ग परिजन गौरी शंकर ने बताया कि अस्पताल परिसर में चारों तरफ पानी जमा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में हर बार DMCH का यही हाल हो जाता है। उन्होंने बताया कि सुनीता देवी पेट और कमर में दर्द की शिकायत के बाद करीब एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को वह मरीज के लिए भोजन और पानी लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में काफी पानी जमा होने के कारण गिरने का डर लगा। इसके बाद वह वापस लौट आए और दूसरे रास्ते से वार्ड तक जाने की कोशिश की। मधुबनी से आए परिजन बोले- सात-आठ बार पानी से होकर गुजरना पड़ा मधुबनी जिले के भगवतीपुर से मरीज के इलाज के लिए पहुंचे रंजन कुमार ने बताया कि बारिश के बाद DMCH परिसर में जगह-जगह पानी जमा हो गया है। उनका मरीज गायनिक वार्ड में भर्ती है। वार्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें सात-आठ बार पानी से होकर गुजरना पड़ा। रंजन कुमार ने कहा कि DMCH परिसर में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। बाहर से आने वाले मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि मधुबनी से दरभंगा आने के दौरान शहर में विभिन्न जगहों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण भी जाम का सामना करना पड़ा। कर्पूरी चौक से DMCH तक करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ा। इसके बाद अस्पताल परिसर में जलजमाव ने परेशानी और बढ़ा दी। हर बारिश में सामने आती है समस्या, स्थायी समाधान पर सवाल DMCH में जलजमाव की समस्या नई नहीं है। बारिश होते ही अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी जमा होने की शिकायत सामने आती रही है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अस्पताल परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहने से मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पताल कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जलजमाव के कारण फिसलन बढ़ने से गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं, पानी के बीच से होकर गुजरने के कारण संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की आशंका भी बनी रहती है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और DMCH प्रशासन से जल्द से जल्द जलजमाव वाले हिस्सों से पानी निकालने तथा अस्पताल परिसर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में हर बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति पैदा होना गंभीर समस्या है और इसका स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल कैंपस में पिछले दो दिनों से घुटनों तक बारिश का पानी भरा हुआ है। बारिश के पानी के बीच से मरीजों के परिजन गुजरने को मजबूर हैं। परिजन के मुताबिक, रात के अंधेरे में पानी के बीच से गुजरने के दौरान अनहोनी की आशंका बनी रहती है। दरअसल, दरभंगा शहर में मंगलवार को करीब डेढ़ घंटे बारिश हुई थी, जिसके बाद अस्पताल कैंपस में अलग-अलग जगहों पर पानी भर गया था। मरीज के परिजन ने कहा कि बारिश के बाद जलजमाव के बीच शाम में अंधेरा होने के बाद जलजमाव वाले हिस्सों में सड़क और गड्ढे का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर पानी इतना जमा था कि लोगों को संभलकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ जलजमाव के बीच कुछ मरीजों को लेकर आने-जाने वाले परिजन ने भी समस्याओं पर बात की। वार्ड परिसर में पहुंचा पानी, बेड तक पहुंचने का डर DMCH के मेडिसिन वार्ड, बच्चा वार्ड समेत कई वार्डों के परिसर में बारिश का पानी प्रवेश कर गया। मरीजों के परिजनों का कहना है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई तो जलजमाव और बढ़ सकता है तथा पानी वार्ड के अंदर मरीजों के बेड तक पहुंचने की स्थिति बन सकती है। सबसे गंभीर बात यह है कि बारिश के दो दिन बाद भी अस्पताल परिसर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इससे अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को रोजमर्रा के काम के लिए भी पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। ‘पानी में सांप घूमता है, डर के बीच बाहर निकलना पड़ता है’ हायाघाट प्रखंड के रुस्तमपुर से अपने भाई का इलाज कराने DMCH पहुंचे मो सोनू ने बताया कि उनके भाई करीब एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में पानी जमा होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। पानी में सांप भी घूमता है, जिससे डर बना रहता है। सोनू ने बताया कि वार्ड में पीने का पानी उपलब्ध नहीं था। इसी कारण पानी बोतल में भरने के लिए उन्हें बाहर निकलना पड़ा। लेकिन अस्पताल परिसर में जलजमाव के कारण आने-जाने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि DMCH जैसे बड़े अस्पताल में जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी परेशानी नहीं झेलनी पड़े। भोजन-पानी लेकर जा रहे परिजन रास्ते से लौटे समस्तीपुर जिले के वारिसनगर से मरीज सुनीता देवी का इलाज कराने पहुंचे उनके बुजुर्ग परिजन गौरी शंकर ने बताया कि अस्पताल परिसर में चारों तरफ पानी जमा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में हर बार DMCH का यही हाल हो जाता है। उन्होंने बताया कि सुनीता देवी पेट और कमर में दर्द की शिकायत के बाद करीब एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को वह मरीज के लिए भोजन और पानी लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में काफी पानी जमा होने के कारण गिरने का डर लगा। इसके बाद वह वापस लौट आए और दूसरे रास्ते से वार्ड तक जाने की कोशिश की। मधुबनी से आए परिजन बोले- सात-आठ बार पानी से होकर गुजरना पड़ा मधुबनी जिले के भगवतीपुर से मरीज के इलाज के लिए पहुंचे रंजन कुमार ने बताया कि बारिश के बाद DMCH परिसर में जगह-जगह पानी जमा हो गया है। उनका मरीज गायनिक वार्ड में भर्ती है। वार्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें सात-आठ बार पानी से होकर गुजरना पड़ा। रंजन कुमार ने कहा कि DMCH परिसर में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। बाहर से आने वाले मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि मधुबनी से दरभंगा आने के दौरान शहर में विभिन्न जगहों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण भी जाम का सामना करना पड़ा। कर्पूरी चौक से DMCH तक करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ा। इसके बाद अस्पताल परिसर में जलजमाव ने परेशानी और बढ़ा दी। हर बारिश में सामने आती है समस्या, स्थायी समाधान पर सवाल DMCH में जलजमाव की समस्या नई नहीं है। बारिश होते ही अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी जमा होने की शिकायत सामने आती रही है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अस्पताल परिसर में लंबे समय तक पानी जमा रहने से मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ अस्पताल कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जलजमाव के कारण फिसलन बढ़ने से गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं, पानी के बीच से होकर गुजरने के कारण संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की आशंका भी बनी रहती है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन, नगर निगम और DMCH प्रशासन से जल्द से जल्द जलजमाव वाले हिस्सों से पानी निकालने तथा अस्पताल परिसर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में हर बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति पैदा होना गंभीर समस्या है और इसका स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।

