बक्सर जिले में अर्नब चक्रवात के असर से मौसम बदल गया है। तेज हवा और बारिश से कई इलाकों में धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में 68 मिमी बारिश का अनुमान जताया है। शुक्रवार को जिले में हैवी रेन अलर्ट जारी किया गया है। धान की फसल को नुकसान पहुंचा बक्सर सदर के अलावा चौसा, इटाढ़ी और राजपुर प्रखंड में भी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वर्षामापी केंद्र पर गुरुवार को 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 अक्टूबर को 25-25 मिमी बारिश हो सकती है। 1 नवंबर को 18 मिमी तक बारिश का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हवा की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। धान में बालियां निकल चुकी हैं और कई खेतों में फसल पकने की स्थिति में है। इस समय तेज हवा और बारिश से पौधे गिर सकते हैं। किसानों को होगा आर्थिक नुकसान कोचाढ़ी गांव के किसान सुरेश चौहान ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी हुई है और उसमें बालियां आ चुकी हैं। अचानक मौसम बदलने से किसान चिंतित हैं। कई जगहों पर फसल जमीन पर गिर गई है। इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मौसम पूरी तरह साफ होने के बाद ही सरसों की बुआई करें। पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए वैज्ञानिकों के अनुसार, सरसों की बुआई के लिए प्रति हेक्टेयर पांच किलोग्राम बीज की जरूरत होती है। कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए।
इसके अलावा बुआई से पहले बीजोपचार करना भी जरूरी बताया गया है। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज पर दो ग्राम कार्बेन्डाजिम का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर खेती से जुड़े कार्य करने और खेतों में लगी फसलों की नियमित निगरानी करने की अपील की है। फिलहाल लगातार बारिश और तेज हवा की आशंका से धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है। बक्सर जिले में अर्नब चक्रवात के असर से मौसम बदल गया है। तेज हवा और बारिश से कई इलाकों में धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में 68 मिमी बारिश का अनुमान जताया है। शुक्रवार को जिले में हैवी रेन अलर्ट जारी किया गया है। धान की फसल को नुकसान पहुंचा बक्सर सदर के अलावा चौसा, इटाढ़ी और राजपुर प्रखंड में भी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वर्षामापी केंद्र पर गुरुवार को 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 अक्टूबर को 25-25 मिमी बारिश हो सकती है। 1 नवंबर को 18 मिमी तक बारिश का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हवा की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। धान में बालियां निकल चुकी हैं और कई खेतों में फसल पकने की स्थिति में है। इस समय तेज हवा और बारिश से पौधे गिर सकते हैं। किसानों को होगा आर्थिक नुकसान कोचाढ़ी गांव के किसान सुरेश चौहान ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी हुई है और उसमें बालियां आ चुकी हैं। अचानक मौसम बदलने से किसान चिंतित हैं। कई जगहों पर फसल जमीन पर गिर गई है। इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। मौसम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मौसम पूरी तरह साफ होने के बाद ही सरसों की बुआई करें। पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए वैज्ञानिकों के अनुसार, सरसों की बुआई के लिए प्रति हेक्टेयर पांच किलोग्राम बीज की जरूरत होती है। कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए।
इसके अलावा बुआई से पहले बीजोपचार करना भी जरूरी बताया गया है। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज पर दो ग्राम कार्बेन्डाजिम का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर खेती से जुड़े कार्य करने और खेतों में लगी फसलों की नियमित निगरानी करने की अपील की है। फिलहाल लगातार बारिश और तेज हवा की आशंका से धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है।

