तेजस्वी का राजभवन मार्च, बोले- छात्रों पर AK-47 क्यों चलाई:लालू ने कहा- मोदी जी, यूथ का फ्यूचर मत खाओ; कार्यकर्ताओं-स्टूडेंट्स से जुटने की अपील

तेजस्वी का राजभवन मार्च, बोले- छात्रों पर AK-47 क्यों चलाई:लालू ने कहा- मोदी जी, यूथ का फ्यूचर मत खाओ; कार्यकर्ताओं-स्टूडेंट्स से जुटने की अपील

सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले को लेकर तेजस्वी यादव आज राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से लोक भवन तक करीब 5 किमी लंबा मार्च निकाला जाएगा। इसमें RJD के विधायक, सांसद, MLC, नेता और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल होंगे। मार्च के बाद तेजस्वी यादव राज्यपाल सैयद अता हसनैन को ज्ञापन सौंपेंगे। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी बिहार के सभी कार्यकर्ताओं और युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने X पर लिखा- मोदी जी, दाल-भात खाओ यूथ का फ्यूचर मत खाओ। तेजस्वी यादव का मार्च सुबह 10 बजे जेपी गोलंबर से शुरू होगा। यहां से प्रदर्शनकारी बेली रोड होते हुए लोक भवन पहुंचेंगे। तेजस्वी यादव मार्च की अगुवाई करेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सीवान की घटना में कार्रवाई की मांग करेंगे। सीवान के DM-SP बदलने पर तेजस्वी बोले- निलंबन की मांग है मंगलवार को तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था, AK 47 चलाने का अधिकार किसने दिया। छात्रों पर गोली चली। हम घायल छात्रों से मिलने भी गए थे। राज्यसभा में किरण रिजूजू जी ने जवाब दिया कि गोली नहीं चली है। बिहार सरकार के हलफनामे में यह स्पष्ट है गोली चलाई गई है। बिना आदेश के AK 47 कैसे चला, इसका सरकार जवाब दे। सीवान के DM और SP के तबादले पर बीते दिन पीसी के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि हमारी मांग निलंबन की है, सिर्फ अदला-बदली से कुछ नहीं होगा। DM विवेक रंजन मैत्रेय को भी हटा दिया गया है और उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रखा गया है। सीवान के SP पूरन कुमार झा को हटाकर भारत सोनी को नया SP बनाया गया है। पूरन कुमार झा को भी वेटिंग में डाल दिया गया है। लालू यादव ने भी छात्रों-युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील की राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 19 अगस्त के मार्च को समर्थन दिया है। उन्होंने पेपरलीक, शिक्षा व्यवस्था, बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए छात्र-युवा शक्ति से पटना में एकजुट होने की अपील की है। लालू यादव ने सीवान की घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस ने रखा अपना पक्ष सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। इस मामले में बिहार पुलिस ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग करने वाला जवान प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच फंस गया था। भीड़ से खुद को बचाने के लिए उसने AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए थे। पुलिस का दावा है कि इन चार गोलियों से किसी प्रदर्शनकारी को चोट नहीं लगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों को गोली लगने की बात बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि इन तीनों को लगी गोली उस AK-47 से नहीं चली थी, जिससे जवान ने जेपी चौक के पास फायरिंग की थी। पुलिस बोली थी- तीनों प्रदर्शनकारियों को मामूली गोली लगी पुलिस के अनुसार, तीनों प्रदर्शनकारियों को मामूली गोली लगी थी। उन्हें इलाज के लिए पहले सीवान सदर अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया। इलाज पूरा होने के बाद तीनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि गोली लगने वाले तीनों प्रदर्शनकारी उस जगह मौजूद नहीं थे, जहां जवान ने AK-47 से फायरिंग की थी। वहीं, फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। वीडियो में जवान AK-47 लेकर भीड़ की तरफ फायर करता दिखाई दे रहा था। बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी माना कि जवान का इस तरह AK-47 का इस्तेमाल करना सही नहीं था। इसके बाद जवान को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। अब इसी मामले को लेकर तेजस्वी यादव सरकार से हथियार जारी करने से लेकर पूरी कमांड-चेन और फायरिंग की जिम्मेदारी तय करने तक कई सवाल पूछ रहे हैं। ये खबर भी पढ़िए…
‘कॉन्स्टेबल फंसा था, इसलिए 4 गोली हवा में चलाई’:स्टूडेंट्स को खदेड़कर 8 गोली चलाने का वीडियो, क्या SC में बिहार सरकार पुलिस को बचा रही सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले को लेकर तेजस्वी यादव आज राजधानी की सड़कों पर उतरेंगे। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से लोक भवन तक करीब 5 किमी लंबा मार्च निकाला जाएगा। इसमें RJD के विधायक, सांसद, MLC, नेता और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल होंगे। मार्च के बाद तेजस्वी यादव राज्यपाल सैयद अता हसनैन को ज्ञापन सौंपेंगे। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी बिहार के सभी कार्यकर्ताओं और युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने X पर लिखा- मोदी जी, दाल-भात खाओ यूथ का फ्यूचर मत खाओ। तेजस्वी यादव का मार्च सुबह 10 बजे जेपी गोलंबर से शुरू होगा। यहां से प्रदर्शनकारी बेली रोड होते हुए लोक भवन पहुंचेंगे। तेजस्वी यादव मार्च की अगुवाई करेंगे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर सीवान की घटना में कार्रवाई की मांग करेंगे। सीवान के DM-SP बदलने पर तेजस्वी बोले- निलंबन की मांग है मंगलवार को तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था, AK 47 चलाने का अधिकार किसने दिया। छात्रों पर गोली चली। हम घायल छात्रों से मिलने भी गए थे। राज्यसभा में किरण रिजूजू जी ने जवाब दिया कि गोली नहीं चली है। बिहार सरकार के हलफनामे में यह स्पष्ट है गोली चलाई गई है। बिना आदेश के AK 47 कैसे चला, इसका सरकार जवाब दे। सीवान के DM और SP के तबादले पर बीते दिन पीसी के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि हमारी मांग निलंबन की है, सिर्फ अदला-बदली से कुछ नहीं होगा। DM विवेक रंजन मैत्रेय को भी हटा दिया गया है और उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रखा गया है। सीवान के SP पूरन कुमार झा को हटाकर भारत सोनी को नया SP बनाया गया है। पूरन कुमार झा को भी वेटिंग में डाल दिया गया है। लालू यादव ने भी छात्रों-युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील की राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 19 अगस्त के मार्च को समर्थन दिया है। उन्होंने पेपरलीक, शिक्षा व्यवस्था, बहाली प्रक्रिया और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए छात्र-युवा शक्ति से पटना में एकजुट होने की अपील की है। लालू यादव ने सीवान की घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस ने रखा अपना पक्ष सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। इस मामले में बिहार पुलिस ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग करने वाला जवान प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच फंस गया था। भीड़ से खुद को बचाने के लिए उसने AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए थे। पुलिस का दावा है कि इन चार गोलियों से किसी प्रदर्शनकारी को चोट नहीं लगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों को गोली लगने की बात बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि इन तीनों को लगी गोली उस AK-47 से नहीं चली थी, जिससे जवान ने जेपी चौक के पास फायरिंग की थी। पुलिस बोली थी- तीनों प्रदर्शनकारियों को मामूली गोली लगी पुलिस के अनुसार, तीनों प्रदर्शनकारियों को मामूली गोली लगी थी। उन्हें इलाज के लिए पहले सीवान सदर अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया। इलाज पूरा होने के बाद तीनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि गोली लगने वाले तीनों प्रदर्शनकारी उस जगह मौजूद नहीं थे, जहां जवान ने AK-47 से फायरिंग की थी। वहीं, फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। वीडियो में जवान AK-47 लेकर भीड़ की तरफ फायर करता दिखाई दे रहा था। बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी माना कि जवान का इस तरह AK-47 का इस्तेमाल करना सही नहीं था। इसके बाद जवान को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। अब इसी मामले को लेकर तेजस्वी यादव सरकार से हथियार जारी करने से लेकर पूरी कमांड-चेन और फायरिंग की जिम्मेदारी तय करने तक कई सवाल पूछ रहे हैं। ये खबर भी पढ़िए…
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