मुजफ्फरपुर में महिलाओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जदयू ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी पर निशाना साधा है। सोमवार को जदयू जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधान परिषद सदस्य डॉ. भारती मेहता और प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने ब्रजवासी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। दोनों नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद और चुनावी प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महिलाओं की गरिमा से जुड़ी भाषा में मर्यादा जरूरी है। ब्रजवासी को कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए। RO-प्यूरीफायर के मुद्दे पर भी घेरा प्रेस वार्ता में जदयू नेताओं ने स्कूलों में लगाए गए RO/वॉटर प्यूरीफायर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जदयू के प्रदेश प्रवक्ता और तिरहुत स्नातक क्षेत्र से एनडीए समर्थित प्रत्याशी इंजीनियर अभिषेक कुमार झा ने ब्रजवासी की अनुशंसा से जुड़े विद्यालयों में लगाए गए RO/वॉटर प्यूरीफायर की लागत और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के 66 सरकारी विद्यालयों में RO/वॉटर प्यूरीफायर लगाने के लिए राशि की अनुशंसा किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने टेंडर, BOQ, सप्लाई ऑर्डर, बिल, भुगतान वाउचर और गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि इन आरोपों की जांच सक्षम एजेंसी से होनी चाहिए और दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। ‘सवालों का जवाब तथ्य और दस्तावेज से दें’ अंजुम आरा ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के कार्यों और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब तथ्यात्मक तरीके से देना लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल सवालों का जवाब देने के बजाय बहस को महिलाओं की गरिमा, जाति या भावनात्मक मुद्दों की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है। अंजुम आरा ने कहा कि सामाजिक पृष्ठभूमि का सम्मान जरूरी है, लेकिन जाति के नाम पर ऐसे सवालों से बचने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, जिनका जवाब दस्तावेजों के जरिए दिया जा सकता है। नीतीश कुमार की तस्वीर को लेकर भी सवाल डॉ. भारती मेहता ने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिला सशक्तीकरण से जुड़ी कई योजनाएं और नीतियां लागू हुई हैं। महिलाओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी के राजनीतिक बचाव में नीतीश कुमार की तस्वीर या नाम का इस्तेमाल उचित नहीं है। महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण की बात केवल राजनीतिक मंच पर कहने से नहीं, बल्कि सार्वजनिक आचरण से भी दिखनी चाहिए। ‘तिरहुत के मतदाता जवाबदेही चाहते हैं’ दोनों नेताओं ने कहा कि तिरहुत की पहचान शिक्षा और बौद्धिक परंपरा से रही है। उनके अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, जवाबदेही और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने ब्रजवासी से कथित टिप्पणी पर माफी मांगने के साथ-साथ अपनी अनुशंसाओं और कार्यों से जुड़े सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने की मांग की। प्रेस वार्ता में सोनी तिवारी, सुधा चौधरी, जानकी श्रीवास्तव, रंजना पटेल, मीना सर्राफ, अर्चना देवी, संगीता देवी, नूतन चौधरी, प्रो. संगीता सिंह, सावित्री देवी राम, अनुपमा सिंह, बीनते जहरा और रेखा सोनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुजफ्फरपुर में महिलाओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जदयू ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी पर निशाना साधा है। सोमवार को जदयू जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधान परिषद सदस्य डॉ. भारती मेहता और प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने ब्रजवासी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। दोनों नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद और चुनावी प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन महिलाओं की गरिमा से जुड़ी भाषा में मर्यादा जरूरी है। ब्रजवासी को कथित टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए। RO-प्यूरीफायर के मुद्दे पर भी घेरा प्रेस वार्ता में जदयू नेताओं ने स्कूलों में लगाए गए RO/वॉटर प्यूरीफायर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जदयू के प्रदेश प्रवक्ता और तिरहुत स्नातक क्षेत्र से एनडीए समर्थित प्रत्याशी इंजीनियर अभिषेक कुमार झा ने ब्रजवासी की अनुशंसा से जुड़े विद्यालयों में लगाए गए RO/वॉटर प्यूरीफायर की लागत और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के 66 सरकारी विद्यालयों में RO/वॉटर प्यूरीफायर लगाने के लिए राशि की अनुशंसा किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने टेंडर, BOQ, सप्लाई ऑर्डर, बिल, भुगतान वाउचर और गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि इन आरोपों की जांच सक्षम एजेंसी से होनी चाहिए और दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। ‘सवालों का जवाब तथ्य और दस्तावेज से दें’ अंजुम आरा ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के कार्यों और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब तथ्यात्मक तरीके से देना लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मूल सवालों का जवाब देने के बजाय बहस को महिलाओं की गरिमा, जाति या भावनात्मक मुद्दों की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है। अंजुम आरा ने कहा कि सामाजिक पृष्ठभूमि का सम्मान जरूरी है, लेकिन जाति के नाम पर ऐसे सवालों से बचने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, जिनका जवाब दस्तावेजों के जरिए दिया जा सकता है। नीतीश कुमार की तस्वीर को लेकर भी सवाल डॉ. भारती मेहता ने कहा कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिला सशक्तीकरण से जुड़ी कई योजनाएं और नीतियां लागू हुई हैं। महिलाओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी के राजनीतिक बचाव में नीतीश कुमार की तस्वीर या नाम का इस्तेमाल उचित नहीं है। महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण की बात केवल राजनीतिक मंच पर कहने से नहीं, बल्कि सार्वजनिक आचरण से भी दिखनी चाहिए। ‘तिरहुत के मतदाता जवाबदेही चाहते हैं’ दोनों नेताओं ने कहा कि तिरहुत की पहचान शिक्षा और बौद्धिक परंपरा से रही है। उनके अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, जवाबदेही और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने ब्रजवासी से कथित टिप्पणी पर माफी मांगने के साथ-साथ अपनी अनुशंसाओं और कार्यों से जुड़े सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने की मांग की। प्रेस वार्ता में सोनी तिवारी, सुधा चौधरी, जानकी श्रीवास्तव, रंजना पटेल, मीना सर्राफ, अर्चना देवी, संगीता देवी, नूतन चौधरी, प्रो. संगीता सिंह, सावित्री देवी राम, अनुपमा सिंह, बीनते जहरा और रेखा सोनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

