तालाब से जिंदा निकाला तो अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले:खंडवा में 18 साल के अयान की मौत; पूर्व विधायक बोले- इलाज मिलता तो बच जाती जान

तालाब से जिंदा निकाला तो अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले:खंडवा में 18 साल के अयान की मौत; पूर्व विधायक बोले- इलाज मिलता तो बच जाती जान

खंडवा के ग्राम जामनिया में मंगलवार शाम तालाब में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान अयान पिता रियाज कुरैशी निवासी जामनिया के रूप में हुई है। अयान दोस्तों के साथ गांव के पास तालाब में नहाने गया था। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। हादसे के बाद दोस्तों ने ग्रामीणों और परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणों की मदद से अयान को तालाब से बाहर निकाला गया। इसके बाद परिजन उसे मूंदी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि तालाब से निकालने के बाद अयान की सांस चल रही थी और अस्पताल में समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकती थी। परिजनों का आरोप- काफी देर तक डॉक्टर नहीं मिले परिजनों के मुताबिक, अयान को अस्पताल पहुंचाने के बाद अंदर ले जाया गया, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। परिवार का आरोप है कि मौके पर मौजूद नर्स फोन पर बात कर रही थी। डॉक्टर के नहीं मिलने पर परिजन अयान को निजी अस्पताल और दूसरे चिकित्सक के पास लेकर गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि तालाब से निकालने के तुरंत बाद अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध होते और इलाज शुरू हो जाता तो संभव है कि अयान की जान बच जाती। पूर्व विधायक ने भी डॉक्टरों की उपलब्धता पर सवाल उठाए घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक ठाकुर राजनारायणसिंह पुरनी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मूंदी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए। पूर्व विधायक ने कहा कि अस्पताल में समय पर डॉक्टर उपलब्ध होना जरूरी है। उनका कहना है कि अयान को तत्काल इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह ने मूंदी जैसे क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए 30 बेड के अस्पताल को मंजूरी दिलाई थी। बाद में मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने इसका लोकार्पण किया। डॉक्टरों की नियुक्ति हुई और अस्पताल की व्यवस्था अच्छी तरह चलती रही। पूर्व विधायक ने कहा कि अब अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने और अस्पताल में डॉक्टरों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। समझाइश के बाद पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए परिजन युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद मूंदी पुलिस भी अस्पताल पहुंची। एएसआई केएन तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआत में परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे। पुलिस और पूर्व विधायक की समझाइश के बाद वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की स्थिति और कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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