इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के राष्ट्रीय प्रमुख ई. आईपी गुप्ता ने मंगलवार को भाकपा माले के राज्य कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर घंटों चर्चा की। इसकी जानकारी एक प्रेस रिलीज जारी कर दी गई है। मुलाकात के दौरान सहरसा में 26 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर खास तौर पर बात हुई। ई. आईपी गुप्ता ने आंदोलन की वजह और स्थानीय जनसमस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जनहित की मांगों को लेकर यह आंदोलन निर्णायक मोड़ तक जाएगा। दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता और आंदोलन की रणनीति पर भी विचार साझा किए। महागठबंधन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर बैठक में बिहार में महागठबंधन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि मौजूदा समय में जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और सामाजिक-राजनीतिक ताकतों का एकजुट होना जरूरी है। जातीय जनगणना का मुद्दा भी उठा इसके साथ ही देशव्यापी जातीय जनगणना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दोनों नेताओं ने माना कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति जानने और सही नीतियां बनाने के लिए जातीय आंकड़े बहुत जरूरी हैं। बिहार समेत दूसरे राज्यों में संगठन विस्तार पर चर्चा बैठक में आईआईपी के बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और हैदराबाद (तेलंगाना) में होने वाले आगामी कार्यक्रमों और संगठन विस्तार पर भी चर्चा हुई। मुलाकात के बाद आईआईपी प्रमुख ई. आईपी गुप्ता ने कहा, “लोकतांत्रिक और सामाजिक न्याय की ताकतों को एक मंच पर आना होगा। आने वाले दिनों में पार्टी महागठबंधन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर बिहार सहित अन्य राज्यों में जनसरोकार के मुद्दों पर बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगी।” राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं की इस मुलाकात को बिहार में विपक्षी एकजुटता और जनपक्षीय राजनीति को नई दिशा देने वाला एक अहम कदम माना जा रहा है। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) के राष्ट्रीय प्रमुख ई. आईपी गुप्ता ने मंगलवार को भाकपा माले के राज्य कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर घंटों चर्चा की। इसकी जानकारी एक प्रेस रिलीज जारी कर दी गई है। मुलाकात के दौरान सहरसा में 26 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर खास तौर पर बात हुई। ई. आईपी गुप्ता ने आंदोलन की वजह और स्थानीय जनसमस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जनहित की मांगों को लेकर यह आंदोलन निर्णायक मोड़ तक जाएगा। दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता और आंदोलन की रणनीति पर भी विचार साझा किए। महागठबंधन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर बैठक में बिहार में महागठबंधन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि मौजूदा समय में जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और सामाजिक-राजनीतिक ताकतों का एकजुट होना जरूरी है। जातीय जनगणना का मुद्दा भी उठा इसके साथ ही देशव्यापी जातीय जनगणना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दोनों नेताओं ने माना कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति जानने और सही नीतियां बनाने के लिए जातीय आंकड़े बहुत जरूरी हैं। बिहार समेत दूसरे राज्यों में संगठन विस्तार पर चर्चा बैठक में आईआईपी के बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और हैदराबाद (तेलंगाना) में होने वाले आगामी कार्यक्रमों और संगठन विस्तार पर भी चर्चा हुई। मुलाकात के बाद आईआईपी प्रमुख ई. आईपी गुप्ता ने कहा, “लोकतांत्रिक और सामाजिक न्याय की ताकतों को एक मंच पर आना होगा। आने वाले दिनों में पार्टी महागठबंधन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर बिहार सहित अन्य राज्यों में जनसरोकार के मुद्दों पर बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगी।” राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं की इस मुलाकात को बिहार में विपक्षी एकजुटता और जनपक्षीय राजनीति को नई दिशा देने वाला एक अहम कदम माना जा रहा है।

