रोजी-रोटी की तलाश में संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) गए पंजाबी युवक सुखदेव सिंह की डेढ़ माह बाद अचानक मृत्यु हो गई। काफी प्रयास करने पर डेढ़ माह बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रौड़ लाया गया।शव लाने के लिए एडवोकेट मनवीर सिंह धालीवाल और स्थानीय पंचायत ने काफी प्रयास किए। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। आर्थिक और कागजी अड़चनों से परेशान था परिवार डेढ़ माह पहले सुखदेव सिंह की विदेश में अचानक मौत की खबर से उनका परिवार गहरे सदमे में आ गया था। विदेश से पार्थिव शरीर को वतन वापस लाने में परिजनों को भारी आर्थिक संकट के साथ-साथ जटिल कागजी और प्रशासनिक औपचारिकताओं की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। मृतक के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उनका एक भाई भी लापता है, जिसके कारण परिवार बेहद लाचार स्थिति में था। एडवोकेट मनवीर सिंह धालीवाल ने निभाई भूमिका दुबई में रह रहे एक पंजाबी व्यक्ति ने इस दुखद स्थिति की जानकारी एडवोकेट मनवीर सिंह धालीवाल को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडवोकेट धालीवाल ने तुरंत पहल की और पीड़ित परिवार तथा गांव की पंचायत के साथ मिलकर शव को भारत लाने की कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू करवाईं। उनके निरंतर प्रयासों और सहयोग से सभी औपचारिकताओं को पूरा कर पार्थिव शरीर को गांव रौड़ पहुँचाया गया। दूसरे भाई ने किया अंतिम संस्कार शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के दूसरे भाई ने परिजनों व ग्रामीणों के साथ मिलकर पार्थिव शरीर को प्राप्त किया और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया। इस मानवीय कार्य पर प्रतिक्रिया देते हुए एडवोकेट मनवीर सिंह धालीवाल ने कहा कि दुख की इस घड़ी में किसी बेबस परिवार की मदद करना उनका एक मानवीय फर्ज था, जिसे उन्होंने पूरा करने का प्रयास किया।

