डुमरांव में भूमिहीन नट परिवारों को जमीन देने की मांग:माले नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की अपील; 4 नवंबर को सोनवर्षा थाना घेराव करेंगे कार्यकर्ता

डुमरांव में भूमिहीन नट परिवारों को जमीन देने की मांग:माले नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की अपील; 4 नवंबर को सोनवर्षा थाना घेराव करेंगे कार्यकर्ता

बक्सर जिले के डुमरांव में भूमिहीन नट परिवारों को वासगीत जमीन देने और भाकपा (माले) नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग उठी है। रविवार को गिरिधर बरांव गांव में पूर्व विधायक और इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार सिंह ने नट परिवारों और पार्टी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाए। जमीन के आवेदन के दस्तावेज से FIR दर्ज कराने का आरोप डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि सरकार जनता दरबार में गरीबों की समस्याएं सुनने का दावा करती है, लेकिन अपने अधिकारों की मांग करने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नावानगर प्रखंड कार्यालय में भूमिहीन नट परिवारों से वासगीत जमीन के लिए आवेदन लिए गए थे। इस दौरान लोगों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी लिए गए। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल भाकपा (माले) नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने में किया गया। सिंह के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज कराने वाले बृज नट को भी कथित तौर पर यह जानकारी नहीं थी कि उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किस काम के लिए किया गया। चार माले नेताओं को बनाया गया आरोपी सोनवर्षा थाना कांड संख्या 115/26 में नावानगर प्रखंड सचिव हरेंद्र राम, प्रखंड कमेटी सदस्य संतोष यादव, पूर्व विधायक के निजी सहायक नासिर हुसैन और मणियां पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार यादव को आरोपी बनाया गया है। माले नेताओं ने इसे गरीबों के अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष को दबाने की कार्रवाई बताया है। पूर्व विधायक ने कहा कि मामला नावानगर प्रखंड कार्यालय के सभा कक्ष से जुड़ा है। वहां वासगीत जमीन के आवेदन लिए जाने के दौरान अंचल अधिकारी सुभांशु शेखर, प्रखंड विकास पदाधिकारी सूरज कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार और सोनवर्षा थानाध्यक्ष मौजूद थे। उन्होंने प्रशासन की जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। 4 नवंबर को सोनवर्षा थाना का घेराव करेंगे माले कार्यकर्ता भाकपा (माले) ने प्रशासन से भूमिहीन नट परिवारों को तत्काल वासगीत जमीन देने और पार्टी नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 4 नवंबर को सोनवर्षा थाना पर धरना-प्रदर्शन और घेराव करने का ऐलान किया गया है। माले ने गरीबों, भूमिहीनों और न्यायप्रिय नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। बक्सर जिले के डुमरांव में भूमिहीन नट परिवारों को वासगीत जमीन देने और भाकपा (माले) नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग उठी है। रविवार को गिरिधर बरांव गांव में पूर्व विधायक और इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार सिंह ने नट परिवारों और पार्टी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाए। जमीन के आवेदन के दस्तावेज से FIR दर्ज कराने का आरोप डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि सरकार जनता दरबार में गरीबों की समस्याएं सुनने का दावा करती है, लेकिन अपने अधिकारों की मांग करने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नावानगर प्रखंड कार्यालय में भूमिहीन नट परिवारों से वासगीत जमीन के लिए आवेदन लिए गए थे। इस दौरान लोगों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान भी लिए गए। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल भाकपा (माले) नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने में किया गया। सिंह के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज कराने वाले बृज नट को भी कथित तौर पर यह जानकारी नहीं थी कि उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किस काम के लिए किया गया। चार माले नेताओं को बनाया गया आरोपी सोनवर्षा थाना कांड संख्या 115/26 में नावानगर प्रखंड सचिव हरेंद्र राम, प्रखंड कमेटी सदस्य संतोष यादव, पूर्व विधायक के निजी सहायक नासिर हुसैन और मणियां पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार यादव को आरोपी बनाया गया है। माले नेताओं ने इसे गरीबों के अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष को दबाने की कार्रवाई बताया है। पूर्व विधायक ने कहा कि मामला नावानगर प्रखंड कार्यालय के सभा कक्ष से जुड़ा है। वहां वासगीत जमीन के आवेदन लिए जाने के दौरान अंचल अधिकारी सुभांशु शेखर, प्रखंड विकास पदाधिकारी सूरज कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार और सोनवर्षा थानाध्यक्ष मौजूद थे। उन्होंने प्रशासन की जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। 4 नवंबर को सोनवर्षा थाना का घेराव करेंगे माले कार्यकर्ता भाकपा (माले) ने प्रशासन से भूमिहीन नट परिवारों को तत्काल वासगीत जमीन देने और पार्टी नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 4 नवंबर को सोनवर्षा थाना पर धरना-प्रदर्शन और घेराव करने का ऐलान किया गया है। माले ने गरीबों, भूमिहीनों और न्यायप्रिय नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।  

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