झज्जर में कैंसर की दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले हर्बल प्रोडक्ट की खरीद के नाम पर बहादुरगढ़ निवासी व्यक्ति से 47.05 लाख रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर क्राइम झज्जर पुलिस ने एक आरोपी को मिजोरम से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सी लालरौईंगा निवासी आइजोल, मिजोरम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को मिजोरम की अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर लिया। फेसबुक से शुरू हुई बातचीत, व्हाट्सऐप पर दिया प्रोडक्ट का झांसा साइबर क्राइम झज्जर के निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि बहादुरगढ़ निवासी व्यक्ति ने पिछले माह पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपियों ने पहले फेसबुक के जरिए पीड़ित से संपर्क किया। इसके बाद व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हुई। आरोपियों ने उसे एक हर्बल प्रोडक्ट के 200 पैकेट खरीदने का झांसा दिया। कैंसर की दवा में इस्तेमाल होने की बात कहकर फंसाया आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बताया कि यह हर्बल प्रोडक्ट कैंसर की दवा बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा मुनाफे और प्रोडक्ट की खरीद का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया गया। आरोपियों के कहने पर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। इस तरह उससे कुल 47.05 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। बैंक रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया 20 लाख का ट्रांजेक्शन शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम झज्जर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। निरीक्षक दर्शन सिंह के अनुसार मामले की जांच मुख्य सिपाही विनोद कुमार ने की। पुलिस ने संबंधित बैंकों से लेन-देन और खातों का रिकॉर्ड हासिल किया। जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 20 लाख रुपए बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में ट्रांसफर हुए थे। KYC से हुई आरोपी की पहचान, मिजोरम पहुंची पुलिस बैंक रिकॉर्ड और केवाईसी दस्तावेजों की जांच के आधार पर खाते के धारक के रूप में सी लालरौईंगा की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने मिजोरम पहुंचकर आरोपी को जांच में शामिल किया। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दूसरे आरोपी का भी पता चला पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच के दौरान मामले में एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगामी जांच जारी है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

