जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी में फर्जीवाड़े की परतें लगातार खुल रही हैं। अब सीआईडी जांच का दायरा उन अभ्यर्थियों तक पहुंच गया है, जिन्होंने दलालों के जरिए मोटी रकम देकर पीटी पास की थी। एजेंट बुद्धेश्वर भगत से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद अब सीआईडी उन 11 अभ्यर्थियों का बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जिनसे 10-10 लाख रुपए वसूले थे। इस लेनदेन की पुष्टि के बाद अब इन अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इनमें से दो अभ्यर्थी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अब नौ अभ्यर्थियों को जल्दी ही समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराए गए थे, उनमें कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप कुमार राणा, ओमप्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, रॉकी सचिन लकड़ा, रोशन केरकेट्टा, उमाकांत उरांव और एक अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें से रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव की की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। उनका बयान भी दर्ज हो चुके हैं। एनएचएम में नौकरी के दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी से जुड़ा था बुद्धेश्वर भगत जांच में पता चला है कि लोहरदगा निवासी बुद्धेश्वर भगत नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविदा पर कार्यरत था। वहीं वह धांधली के मास्टरमाइंड अभय तिवारी के संपर्क में आया। अभय जेपीएससी की परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर था। वही अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेता था और मोटी रकम वसूलता था। फिर रकम का हिस्सा सिंडिकेट से जुड़े लोगों में बंटता था। सीआईडी ने बुद्धेश्वर भगत को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। इसमें उसने सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों, अफसरों और बिचौलियों का नाम उजागर किया है। सीआईडी अब इसका सत्यापन कर रही है। जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा पीटी में फर्जीवाड़े की परतें लगातार खुल रही हैं। अब सीआईडी जांच का दायरा उन अभ्यर्थियों तक पहुंच गया है, जिन्होंने दलालों के जरिए मोटी रकम देकर पीटी पास की थी। एजेंट बुद्धेश्वर भगत से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद अब सीआईडी उन 11 अभ्यर्थियों का बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जिनसे 10-10 लाख रुपए वसूले थे। इस लेनदेन की पुष्टि के बाद अब इन अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इनमें से दो अभ्यर्थी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अब नौ अभ्यर्थियों को जल्दी ही समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराए गए थे, उनमें कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप कुमार राणा, ओमप्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, रॉकी सचिन लकड़ा, रोशन केरकेट्टा, उमाकांत उरांव और एक अन्य अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें से रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव की की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। उनका बयान भी दर्ज हो चुके हैं। एनएचएम में नौकरी के दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी से जुड़ा था बुद्धेश्वर भगत जांच में पता चला है कि लोहरदगा निवासी बुद्धेश्वर भगत नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविदा पर कार्यरत था। वहीं वह धांधली के मास्टरमाइंड अभय तिवारी के संपर्क में आया। अभय जेपीएससी की परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर था। वही अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेता था और मोटी रकम वसूलता था। फिर रकम का हिस्सा सिंडिकेट से जुड़े लोगों में बंटता था। सीआईडी ने बुद्धेश्वर भगत को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। इसमें उसने सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों, अफसरों और बिचौलियों का नाम उजागर किया है। सीआईडी अब इसका सत्यापन कर रही है।

