जीविका दीदी के 20 साल पर जदयू का नीतीश संवाद:वक्ताओं ने कहा- नीतीश कुमार की सोच से महिला सशक्तीकरण की नई पहचान

जीविका दीदी के 20 साल पर जदयू का नीतीश संवाद:वक्ताओं ने कहा- नीतीश कुमार की सोच से महिला सशक्तीकरण की नई पहचान

महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आज बेगूसराय स्थित आर्ट गैलरी सभागार में जदयू द्वारा जीविका दीदी के 20 साल बेमिसाल एवं नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में बिहार में जीविका के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में हुए बदलाव पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी देवी तथा मंच संचालन महिला प्रकोष्ठ की प्रखंड अध्यक्ष मोनिका कुमारी ने किया। खगड़िया नगर विधायक बोले- महिला को सशक्त करने के लिए जीविका का विस्तार किया कार्यक्रम में खगड़िया नगर विधायक एवं जीविका संवाद के मुख्य वक्ता बबलू मंडल, समस्तीपुर के कल्याणपुर की पूर्व विधायक मंजू कुमारी, प्रदेश से आई प्रभारी दीप्ति सिंह एवं जदयू जिलाध्यक्ष नंदलाल राय सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां एवं महिला कार्यकर्ता उपस्थित थे। जीविका की ओर से मैरी केसरी ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया। जीविका संवाद के मुख्य वक्ता एवं खगड़िया नगर विधायक बबलू मंडल ने कहा कि बिहार में महिला सशक्तीकरण को गांव-गांव तक पहुंचाने की सोच के साथ जीविका का विस्तार किया गया। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया, उनमें बचत की आदत विकसित हुई, बैंकिंग व्यवस्था से उनका जुड़ाव बढ़ा तथा ऋण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए। ‘जीविका दीदी, नीतीश कुमार की सोच से महिला सशक्तीकरण की नई पहचान बनी हैं’ विधायक बबलू मंडल ने कहा कि आज जीविका दीदियां केवल परिवार की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, बैंकिंग, छोटे व्यवसाय, कृषि, पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जीविका दीदी, नीतीश कुमार की सोच से महिला सशक्तीकरण की नई पहचान बनी हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि JEEViKA का संस्थागत ढांचा स्वयं सहायता समूहों (SHGs), ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर स्तर के महासंघों (CLFs) पर आधारित है। कल्याणपुर विधानसभा के पूर्व विधायक मंजू कुमारी ने कहा कि जीविका की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक महिलाओं के अंदर पैदा हुआ आत्मविश्वास है। जिस महिला को कभी अपने छोटे-से खर्च के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वही महिला आज समूह की बैठक संचालित करती है, बैंक से लेन-देन करती है, अपना व्यवसाय करती है और दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। स्वयं सहायता समूहों ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उनके अंदर नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने की भूमिका पर भी चर्चा प्रदेश से आई प्रभारी दीप्ति सिंह ने कहा कि जीविका ने महिलाओं को केवल आय अर्जित करने का माध्यम नहीं दिया, बल्कि उनमें निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और सामूहिक नेतृत्व की भावना को भी मजबूत किया है। महिलाओं के समूह अब केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आजीविका और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जदयू जिलाध्यक्ष नंदलाल राय ने कहा कि जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर बचत, बैंकिंग, आजीविका, स्वरोजगार और सामुदायिक नेतृत्व से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला सशक्तीकरण केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व को मजबूत करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में जीविका के विस्तार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने की भूमिका पर भी चर्चा हुई। मौके पर पूर्व एमएलसी रुदल राय, भूमिपाल राय, सरफराज आलम, मुकेश जैन, जिला मीडिया प्रभारी संजय कुमार सिंह, शकुंतला गुप्ता, क्रांति कुमारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं जीविका दीदियां उपस्थित थे। समापन महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आज बेगूसराय स्थित आर्ट गैलरी सभागार में जदयू द्वारा जीविका दीदी के 20 साल बेमिसाल एवं नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में बिहार में जीविका के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में हुए बदलाव पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी देवी तथा मंच संचालन महिला प्रकोष्ठ की प्रखंड अध्यक्ष मोनिका कुमारी ने किया। खगड़िया नगर विधायक बोले- महिला को सशक्त करने के लिए जीविका का विस्तार किया कार्यक्रम में खगड़िया नगर विधायक एवं जीविका संवाद के मुख्य वक्ता बबलू मंडल, समस्तीपुर के कल्याणपुर की पूर्व विधायक मंजू कुमारी, प्रदेश से आई प्रभारी दीप्ति सिंह एवं जदयू जिलाध्यक्ष नंदलाल राय सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां एवं महिला कार्यकर्ता उपस्थित थे। जीविका की ओर से मैरी केसरी ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया। जीविका संवाद के मुख्य वक्ता एवं खगड़िया नगर विधायक बबलू मंडल ने कहा कि बिहार में महिला सशक्तीकरण को गांव-गांव तक पहुंचाने की सोच के साथ जीविका का विस्तार किया गया। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया, उनमें बचत की आदत विकसित हुई, बैंकिंग व्यवस्था से उनका जुड़ाव बढ़ा तथा ऋण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए। ‘जीविका दीदी, नीतीश कुमार की सोच से महिला सशक्तीकरण की नई पहचान बनी हैं’ विधायक बबलू मंडल ने कहा कि आज जीविका दीदियां केवल परिवार की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, बैंकिंग, छोटे व्यवसाय, कृषि, पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जीविका दीदी, नीतीश कुमार की सोच से महिला सशक्तीकरण की नई पहचान बनी हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि JEEViKA का संस्थागत ढांचा स्वयं सहायता समूहों (SHGs), ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर स्तर के महासंघों (CLFs) पर आधारित है। कल्याणपुर विधानसभा के पूर्व विधायक मंजू कुमारी ने कहा कि जीविका की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक महिलाओं के अंदर पैदा हुआ आत्मविश्वास है। जिस महिला को कभी अपने छोटे-से खर्च के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वही महिला आज समूह की बैठक संचालित करती है, बैंक से लेन-देन करती है, अपना व्यवसाय करती है और दूसरी महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। स्वयं सहायता समूहों ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उनके अंदर नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने की भूमिका पर भी चर्चा प्रदेश से आई प्रभारी दीप्ति सिंह ने कहा कि जीविका ने महिलाओं को केवल आय अर्जित करने का माध्यम नहीं दिया, बल्कि उनमें निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और सामूहिक नेतृत्व की भावना को भी मजबूत किया है। महिलाओं के समूह अब केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आजीविका और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जदयू जिलाध्यक्ष नंदलाल राय ने कहा कि जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर बचत, बैंकिंग, आजीविका, स्वरोजगार और सामुदायिक नेतृत्व से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला सशक्तीकरण केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व को मजबूत करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में जीविका के विस्तार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने की भूमिका पर भी चर्चा हुई। मौके पर पूर्व एमएलसी रुदल राय, भूमिपाल राय, सरफराज आलम, मुकेश जैन, जिला मीडिया प्रभारी संजय कुमार सिंह, शकुंतला गुप्ता, क्रांति कुमारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं जीविका दीदियां उपस्थित थे। समापन महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और जीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।  

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