जींद में फोन कर बोली महिला- मुझे नहीं रहना भाई:पहुंचे तो अस्पताल में मिली; 3 दिन बाद मौत- लेबर इंस्पेक्टर समेत पति पर केस

जींद में फोन कर बोली महिला- मुझे नहीं रहना भाई:पहुंचे तो अस्पताल में मिली; 3 दिन बाद मौत- लेबर इंस्पेक्टर समेत पति पर केस

जींद के पोखरी खेड़ी में संदिग्ध रूप से फांसी लगाने से महिला की मौत हो गई। 10 साल पहले महिला की शादी हुई थी। अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ। 22 सितंबर की रात 7 बजे महिला ने भाई को फोन कर अपने साथ ले जाने को कहा। रात को परिवार के सदस्यों के साथ बहन की ससुराल पहुंचे तो बहन के अस्पताल में होने का पता चला। गांव से जींद पहुंचे तो बहन हिसार रेफर हो चुकी थी। तीन दिन अस्पताल में उपचाराधीन रहने के बाद 25 महिला की मौत हो गई। महिला के पति लेबर इंस्पेक्टर है। भाई ने ससुरालजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। सदर थाना पुलिस ने पति, ससुर और देवर के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव पोस्टमार्टम के बाद मायके पक्ष को सौंप दिया। जानिए शिकायत में क्या कहा भिवानी के गांव कितलाना निवासी आनंद ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि तीन भाई बहनों में उसके बड़े भाई की 10 साल पहले मौत हो गई थी। 2016 में छोटी बहन संतोष उर्फ संतो की शादी पोखरी खेड़ी निवासी शिवदत के साथ की थी। दोनों की अभी तक कोई संतान नहीं है। शादी के बाद शिवदत्त की ग्रुप डी में नौकरी लगी। जिसके बाद उसकी बहन का परेशान करना शुरू कर दिया। दो साल पहले शिवदत्त को लेबर इंस्पेक्टर की नौकरी मिली। जिसके बाद उसकी बहन का उत्पीड़न बढ़ गया। 22 सितंबर को रात करीब 7 बजे उसके पास संतोष का फोन आया। फोन पर संतोष ने कहा कि भाई मुझे यहां से घर ले जाओ। ये लोग मुझे बहुत परेशान करते हैं। अब मैं यहां नहीं रह सकती। मैने अपपनी बहन को समझाया और सुबह पिताजी को भेजने की बात कही। 10 मिनट बाद जब मैने फोन किया तो दूसरी बार में मेरा फोन उठाते ही जोर-जोर से रोना शुरू कर दिया। इसके बाद मैं अपनी मां और दो ममेरे भाई और एक भाई के साथ गांव से पोखरी खेड़ी के लिए निकल पड़े। जब हम संतोष के घर पहुंचे तो पड़ोसियों से संतोष के अस्पताल ले जाने का पता चला। जींद पहुंचे तो हिसार रेफर करने का पता चला। जहां 24 सितंबर को दोपहर बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जानिए क्या बोला भाई जब हम पोकरी खेड़ी बहन के घर पहुंचे तो सभी लाइट बंद मिली। पूछने पर भी घर पर मौजूद ससुरालजनों ने हमें कुछ नहीं बताया। एक पड़ोसी महिला ने हमें बताया कि संतों को गाड़ी में डालकर अस्पताल ले जाने की जानकारी दी। जिसके बाद हम जींद अस्पताल पहुंचे। जहां पहुंचने पर पता चला कि उसे हिसार रेफर कर दिया। हम रात को जब हिसार पहुंचे तो उसकी बहन की सीटी स्कैन की जा रही थी। जब संतोष की शादी की शिवदत्त की नौकरी नहीं लगी थी। शादी के करीब 5 साल बाद ग्रुड डी की नौकरी मिली। इसके बाद ही उसकी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया था। करीब दो साल पहले शिवदत्त को लेबर इंस्पेक्टर की नौकरी मिली। इसके बाद संतोष के पति शिवदत्त और उसके परिवार का रवैया एकदम से बदल गया था। उसे परेशान करने के लिए बहाने ढूढ़ते रहते थे। पिछले पांच साल के दौरान कई बार उसके साथ मारपीट की गई। पति सहित तीन के खिलाफ केस जांच अधिकारी एसआई वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाई की शिकायत पर पति शिवदत्त, ससुर बलबीर और देवर मंजीत के खिलाफ बीएसएन की धारा 108/ 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। शव पोस्टमार्टम के बाद मायके वालों को सौंप दिया था। मामले की जांच की जा रही है तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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