जहानाबाद में नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 19 में कूड़े का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का आरोप है कि आसपास के मोहल्लों से कूड़ा लाकर एक ही स्थान पर लगातार डाला जा रहा है। इसके कारण इलाके में दुर्गंध, मच्छर और गंदगी की समस्या गंभीर हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण ग्राहक उनकी दुकानों पर आने से कतराते हैं, जिससे उनके कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति एक ट्रांसफार्मर के आसपास है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे गीला कचरा डाला जा रहा है, जिससे बिजली के झटके लगने का खतरा बढ़ गया है। समस्या को लेकर कई बार शिकायत लेकिन समाधान नहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में कभी-कभी करंट महसूस होने की समस्या भी रहती है। ऐसे में गीले कचरे के बीच सफाई करना सफाई कर्मियों के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है। पीएम मॉल के संचालक ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार वार्ड पार्षद से मौखिक शिकायत की गई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। दवा दुकानदार अजीत कुमार ने बताया कि यहां लगातार बदबू बनी रहती है और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। उनका आरोप है कि कूड़ा उठाने के बाद नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर या कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से कूड़ा हटाने, सुरक्षित निस्तारण, नियमित सफाई और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, शिकायतों से जुड़े कुछ आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि नगर परिषद इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाती है। जहानाबाद में नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 19 में कूड़े का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का आरोप है कि आसपास के मोहल्लों से कूड़ा लाकर एक ही स्थान पर लगातार डाला जा रहा है। इसके कारण इलाके में दुर्गंध, मच्छर और गंदगी की समस्या गंभीर हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण ग्राहक उनकी दुकानों पर आने से कतराते हैं, जिससे उनके कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति एक ट्रांसफार्मर के आसपास है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे गीला कचरा डाला जा रहा है, जिससे बिजली के झटके लगने का खतरा बढ़ गया है। समस्या को लेकर कई बार शिकायत लेकिन समाधान नहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में कभी-कभी करंट महसूस होने की समस्या भी रहती है। ऐसे में गीले कचरे के बीच सफाई करना सफाई कर्मियों के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है। पीएम मॉल के संचालक ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार वार्ड पार्षद से मौखिक शिकायत की गई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। दवा दुकानदार अजीत कुमार ने बताया कि यहां लगातार बदबू बनी रहती है और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। उनका आरोप है कि कूड़ा उठाने के बाद नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर या कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से कूड़ा हटाने, सुरक्षित निस्तारण, नियमित सफाई और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, शिकायतों से जुड़े कुछ आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि नगर परिषद इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाती है।

