बक्सर में जासो से नदांव होते हुए डुमरांव जाने वाली बदहाल सड़क पर राहत कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी साहिला के निर्देश पर सड़क के खराब हिस्सों में तत्काल मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। बारिश के कारण सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। पथ निर्माण विभाग और नगर परिषद की टीमें सड़क पर मशीनें लेकर पहुंची हैं। बड़े-बड़े गड्ढों को ईंट के टुकड़ों और अन्य सामग्री से भरा जा रहा है, ताकि उन्हें समतल किया जा सके। सड़क की समस्या को लेकर दिया था धरना इसके बाद मशीनों से दबाकर सड़क को आवागमन के योग्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह एक अस्थायी राहत कार्य है, जिससे लोगों को तत्काल कुछ सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह राहत कार्य जासो-नदांव रोड की बदहाली को लेकर जन सुराज संगठन द्वारा लगातार उठाई जा रही आवाजों के बाद शुरू हुआ है। सड़क पर जलजमाव और गहरे गड्ढों की गंभीर स्थिति के विरोध में जन सुराज के जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने कार्यकर्ताओं के साथ पानी से भरे गड्ढों में बैठकर धरना प्रदर्शन किया था। इस धरने के बाद सड़क की समस्या ने एक बार फिर प्रशासन और आम लोगों का ध्यान खींचा था। गड्ढों में ईंट के टुकड़े डालकर सड़क को समतल करने का प्रयास प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू किए जाने पर जन सुराज जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने जिलाधिकारी साहिला की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य जनता की समस्याओं को उजागर करना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना है। मिश्रा ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने इस मामले पर तेजी से संज्ञान लिया और काम शुरू कराया। सड़क पर काम शुरू होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों में भी संतोष है। लोगों का कहना है कि गड्ढों में ईंट के टुकड़े डालकर सड़क को समतल करने से फिलहाल आवागमन में सुविधा होगी। बारिश के मौसम में होती है लोगों को परेशानी हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इसे स्थायी समाधान नहीं मानते हुए सड़क के गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालिक निर्माण की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जासो-नदांव मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की मरम्मत के साथ-साथ स्थायी निर्माण जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। बक्सर में जासो से नदांव होते हुए डुमरांव जाने वाली बदहाल सड़क पर राहत कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी साहिला के निर्देश पर सड़क के खराब हिस्सों में तत्काल मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। बारिश के कारण सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया। पथ निर्माण विभाग और नगर परिषद की टीमें सड़क पर मशीनें लेकर पहुंची हैं। बड़े-बड़े गड्ढों को ईंट के टुकड़ों और अन्य सामग्री से भरा जा रहा है, ताकि उन्हें समतल किया जा सके। सड़क की समस्या को लेकर दिया था धरना इसके बाद मशीनों से दबाकर सड़क को आवागमन के योग्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह एक अस्थायी राहत कार्य है, जिससे लोगों को तत्काल कुछ सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह राहत कार्य जासो-नदांव रोड की बदहाली को लेकर जन सुराज संगठन द्वारा लगातार उठाई जा रही आवाजों के बाद शुरू हुआ है। सड़क पर जलजमाव और गहरे गड्ढों की गंभीर स्थिति के विरोध में जन सुराज के जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने कार्यकर्ताओं के साथ पानी से भरे गड्ढों में बैठकर धरना प्रदर्शन किया था। इस धरने के बाद सड़क की समस्या ने एक बार फिर प्रशासन और आम लोगों का ध्यान खींचा था। गड्ढों में ईंट के टुकड़े डालकर सड़क को समतल करने का प्रयास प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरू किए जाने पर जन सुराज जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने जिलाधिकारी साहिला की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य जनता की समस्याओं को उजागर करना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना है। मिश्रा ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने इस मामले पर तेजी से संज्ञान लिया और काम शुरू कराया। सड़क पर काम शुरू होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों में भी संतोष है। लोगों का कहना है कि गड्ढों में ईंट के टुकड़े डालकर सड़क को समतल करने से फिलहाल आवागमन में सुविधा होगी। बारिश के मौसम में होती है लोगों को परेशानी हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इसे स्थायी समाधान नहीं मानते हुए सड़क के गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालिक निर्माण की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जासो-नदांव मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की मरम्मत के साथ-साथ स्थायी निर्माण जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

