The Kerala Story case: सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में रिलीज हुई विवादित फिल्म ‘The Kerala Story’ से जुड़ी याचिकाओं के एक बैच का शुक्रवार को निपटारा कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने फिल्मों को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मिले सर्टिफिकेट को चुनौती देने से जुड़े अहम कानूनी सवाल को खुला रखा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी दूसरी विवादित फिल्म के मामले में विचार किया जा सकता है।
CBFC सर्टिफिकेशन देने वाली याचिकाएं हुईं खत्म
चीफ जस्टिस सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने ‘द केरल स्टोरी’ के CBFC सर्टिफिकेशन को कैंसिल करने की मांग वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने इन्हें समय बीतने के कारण निष्प्रभावी मानते हुए निपटा दिया।
वहीं, फिल्म के प्रोड्यूसर सनशाइन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड और विपुल अमृतलाल शाह की ओर से दायर तीसरी याचिका वापस ले ली गई। इस याचिका में पश्चिम बंगाल की तत्कालीन सरकार के फिल्म पर लगाए गए बैन को चुनौती दी गई थी। बता दें, मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के बैन पर रोक लगा दी थी।
‘कानून का सवाल खुला रहेगा’
दो याचिकाओं में याचिकाकर्ता कुर्बान अली और बीआर अरविंदक्षण की ओर से पेश एडवोकेट निजाम पाशा ने दलील दी कि फिल्म रिलीज होने के बाद भी उनके मुवक्किलों की ओर से उठाए गए कानूनी सवाल कायम हैं। एडवोकेट निजाम पाशा ने कोर्ट को बताया कि केरल हाई कोर्ट ने फिल्म से जुड़ी एक रिट याचिका का निपटारा ये कहते हुए किया था कि CBFC की ओर से फिल्म को सर्टिफिकेट दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका सुनवाई योग्य नहीं थी।
बता दें, उनका कहना था कि CBFC सर्टिफिकेशन को चुनौती देने के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर के पास कानूनी रास्ता मौजूद था, लेकिन फिल्म की सामग्री से आपत्ति रखने वाले लोगों के पास ऐसा कोई स्पष्ट उपाय नहीं था। इसलिए उन्हें रिट याचिका के जरिए कोर्ट का रुख करना पड़ा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने संकेत दिया कि इस मामले में कानूनी सवाल को खुला छोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अदालत किसी दूसरी विवादित फिल्म के मामले में विचार कर सकती है।
हेट स्पीच वाली फिल्मों पर गाइडलाइन की मांग
सुनवाई के दौरान निजाम पाशा ने कोर्ट से ऐसी फिल्मों के लिए गाइडलाइन बनाने की भी मांग की, जिन पर हेट स्पीच को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अगर ऐसी सामान्य गाइडलाइन की मांग है तो इसके लिए एक अलग और पूरी रिट याचिका दाखिल की जानी चाहिए।
इसके बाद बेंच ने रिकॉर्ड किया कि कानूनी सवाल खुला रहेगा और सभी पक्षों को कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई शुरू करने की आजादी होगी।
‘द केरल स्टोरी’ विवाद
सुदीप्तो सेन के निर्देशन और विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन में बनी ‘द केरल स्टोरी’ मई 2023 में रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा विवाद हुआ था।
फिल्म के शुरुआती प्रचार में केरल की करीब 32,000 महिलाओं के कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें इस्लामिक स्टेट (ISIS) में शामिल किए जाने का दावा किया गया था। इस आंकड़े और फिल्म में किए गए दावों को लेकर काफी विवाद और आलोचना हुई थी। फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन और अलग-अलग राज्यों में इसके प्रदर्शन को लेकर भी कानूनी लड़ाई चली थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा याचिकाओं का निपटारा कर दिया है, लेकिन CBFC सर्टिफिकेशन को चुनौती देने से जुड़े व्यापक कानूनी सवाल पर फैसला नहीं दिया है।

