राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के एएसयूएसई-2025 के जिला स्तरीय आंकड़ों में प्रदेश के असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र की तस्वीर सामने आई है। सितंबर में जारी रिपोर्ट में जयपुर 4,84,873 प्रतिष्ठानों के साथ प्रदेश में सबसे आगे है। इन प्रतिष्ठानों से 10,15,884 कामगार जुड़े हैं। उदयपुर में 1,54,460 प्रतिष्ठान और 3,06,916 कामगार हैं। यानी जयपुर में प्रतिष्ठानों की संख्या उदयपुर से करीब 3.1 गुना और कामगार 3.3 गुना हैं। हालांकि पंजीकरण के मामले में उदयपुर आगे है। यहां 34.48% प्रतिष्ठान किसी अधिनियम/प्राधिकरण के तहत पंजीकृत हैं, जबकि जयपुर में यह हिस्सेदारी 32.93% है। महिला कामगारों की हिस्सेदारी जयपुर में 24.72% और उदयपुर में 23.21% है। महिला स्वामित्व वाले प्रोपराइटरी प्रतिष्ठानों में भी जयपुर 24.87% के साथ उदयपुर के 22.17% से आगे हैं। टॉप-5 जिले : महिला कामगारों-स्वामित्व में झुंझुनूं अव्वल बॉटम-5 जिले प्रतिष्ठानों की संख्या: जयपुर के बाद चूरू (3,18,817), बीकानेर (1,80,041), सीकर (1,73,082) व उदयपुर (1,54,460) आगे।
कामगार संख्या: जयपुर के बाद चूरू (6,31,828), सीकर (3,27,999), बीकानेर (3,10,363) और उदयपुर (3,06,916)।
खास बात: उदयपुर में प्रतिष्ठान कम, पर कामगारों की संख्या बीकानेर और सीकर के लगभग बराबर है। जयपुर : औसत पारिश्रमिक ₹2.33 लाख सालाना जयपुर में 4,84,873 प्रतिष्ठान हैं। इनमें 20.71% हायर वर्कर वाले प्रतिष्ठान हैं। कुल कामगार 10,15,884 हैं। महिला कामगार की हिस्सेदारी 24.72% है। 32.93% प्रतिष्ठान किसी अधिनियम या प्राधिकरण के तहत पंजीकृत हैं। महिला स्वामित्व वाले प्रोपराइटरी प्रतिष्ठानों की हिस्सेदारी 24.87% है। प्रति हायर वर्कर औसत पारिश्रमिक 2,32,597 रु. है। प्रति प्रतिष्ठान जीवीए 4,67,577 रु. और प्रति कामगार जीवीए 2,23,170 रु. हैं। उदयपुर : 1.54 लाख प्रतिष्ठान, 3.07 लाख कामगार उदयपुर में 1,54,460 प्रतिष्ठान हैं। इनमें 17.42% हायर वर्कर वाले प्रतिष्ठान हैं। कुल कामगार 3,06,916 हैं। महिला कामगारों की हिस्सेदारी 23.21% है। 34.48% प्रतिष्ठान किसी अधिनियम या प्राधिकरण के तहत पंजीकृत हैं। महिला स्वामित्व वाले प्रोपराइटरी प्रतिष्ठानों की हिस्सेदारी 22.17% है। प्रति हायर वर्कर औसत पारिश्रमिक 1,99,518 रुपए है। प्रति प्रतिष्ठान जीवीए 4,01,237 रुपए और प्रति कामगार जीवीए 2,01,928 रुपए हैं।

