जयपुर ग्रामीण में एक प्लॉट निर्माण को लेकर रिश्तेदारों के झगड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई बार शिकायत करने पर भी मौजमाबाद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। कोर्ट स्टे ऑर्डर होने के बाद भी निर्माण करवा दिया। पीड़िता की ओर से जयपुर ग्रामीण आईजी सहित सीएम को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। SHO (मौजमाबाद) नरेश कंवर ने बताया कि दो रिश्तेदारों के बीच कुछ विवादित जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों ही पक्षों की ओर से थाने में परिवाद दिया हुआ है। कोर्ट स्टे ऑर्डर के बारे में पता चलते ही दूसरे पक्ष को निर्माण से रोक दिया गया था। पुलिस की ओर से निष्पक्ष कार्रवाई कर दोनों पक्षों को पाबंद किया हुआ है। प्लॉट की जमीन को लेकर रिश्तेदारों से विवाद जयपुर में रखी प्रेस कॉफ्रेंस में मौजमाबाद की रहने वाली 24 साल की युवती ने कहा कि उनके घर के पास ही उनके रिश्तेदारों का प्लॉट है। प्लॉट की कुछ जमीन को लेकर रिश्तेदारों से उनका विवाद चल रहा है। 3 सितम्बर की शाम करीब 5 बजे उसके रिश्तेदार निर्माण स्थल पर आकर लड़ाई-झगड़ा करने लगे। गाली-गलौच कर रिश्तेदारों ने उसके और उसके परिवार के साथ मारपीट की। निर्माण नहीं करने को लेकर धमकी देते हुए तोड़फोड़ की। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर आरोपी रिश्तेदारों से छुड़वाया। धमकी दी गई कि निर्माण किया तो जिंदा नहीं छोड़ेगे। कागजात पर करवाए साइन आरोप है कि थाने बुलाकर उस पर जबरन दबाव बनाया गया। लिखित कागजातों पर जोर-जबरदस्ती साइन करवा लिए गए। कहा गया कि तुम्हारे हिस्से की जमीन पर सिर्फ तुझे ही हिस्सा दिया जाएगा। स्टाम्प पर शपथ-पत्र लिखकर तुम्हारे हिसाब से तुम्हें लिखित कागजात दिए जाएंगे। कागजातों पर साइन करवाकर अगले ही दिन 8 सितंबर को कब्जा करने के लिए दीवार खड़ी करने लगे। झगड़ा होने पर पुलिस को सूचित कर मौके पर बुलाया। पुलिस की ओर से दोनों पक्षों के एक-एक मेंबर को शांतिभंग के आरोप में बंद कर पाबंद कर दिया गया। स्टे ऑर्डर के बाद भी किया निर्माण 29 सितम्बर को विवादित जमीन पर किसी तरह का निर्माण नहीं करने को लेकर स्टे ऑर्डर लिया गया। 4 अक्टूबर को आरोपी रिश्तेदारों की ओर से निर्माण कर दीवार बनाना शुरु किया। पुलिस को मौके पर बुलाकर कोर्ट स्टे ऑर्डर की बताया। आरोप है कि पुलिस के आने के बाद भी निर्माण करने से नहीं रोका गया। स्टे की कॉपी दिखाने पर पुलिस की ओर से किसी प्रकार की मेल नहीं मिलने की कहा गया। कोर्ट स्टे ऑर्डर लेकर देर शाम थाने पहुंचने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। पुलिस की मिलीभगत के चलते ही कई बार शिकायत देने पर भी उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। पुलिस आलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पीड़िता की ओर से लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई गई।

