जमुई में इंडिया गठबंधन ने किया प्रदर्शन:मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप पर जताया विरोध

जमुई में इंडिया गठबंधन ने किया प्रदर्शन:मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप पर जताया विरोध

इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जमुई के बरहट प्रखंड के पाड़ों में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। यह प्रदर्शन मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर था। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था के खिलाफ नारे भी लगाए। राजद के जिला अध्यक्ष त्रिवेणी यादव ने कहा कि इसका मकसद लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करना है। कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने मतदाताओं को उनके अधिकारों और सूची में नाम की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने को भी कहा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है और निर्वाचन आयोग या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जमुई के बरहट प्रखंड के पाड़ों में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। यह प्रदर्शन मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर था। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था के खिलाफ नारे भी लगाए। राजद के जिला अध्यक्ष त्रिवेणी यादव ने कहा कि इसका मकसद लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करना है। कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने मतदाताओं को उनके अधिकारों और सूची में नाम की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने को भी कहा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है और निर्वाचन आयोग या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।  

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