जमुई पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 25 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। मंगलवार को मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई। यह ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत मोबाइल लौटाने की दूसरी कार्रवाई है। साइबर थाना की टीम ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के बाद विभिन्न स्थानों से इन मोबाइलों को बरामद किया। पुलिस ने बताया कि कुछ मोबाइल दूर-दराज के इलाकों से ट्रैक किए गए, जबकि अन्य को कूरियर और अन्य माध्यमों से मंगवाकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया गया। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत साइबर थाना पुलिस गुम और खोए हुए मोबाइलों की तकनीकी जानकारी जुटाकर उनकी लोकेशन और इस्तेमाल की निगरानी करती है। 25 लोगों को खोए हुए मोबाइल लौटाए गए मोबाइल में दूसरे सिम के इस्तेमाल की स्थिति में भी पुलिस को उसे ट्रैक करने में मदद मिलती है। साइबर डीएसपी ने बताया कि ‘संचार साथी’ पोर्टल के माध्यम से लोग अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसी व्यक्ति के नाम पर जारी फर्जी या अनधिकृत सिम का पता लगाने में मदद मिलती है। ऐसी स्थिति में संबंधित सिम के खिलाफ कार्रवाई कर उसका दुरुपयोग रोका जा सकता है। एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि मंगलवार को 25 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल लौटाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल थाने में शिकायत या सनहा दर्ज कराएं और ‘संचार साथी’ पोर्टल पर भी मोबाइल को रजिस्टर करें। बैंक अकाउंट्स को तुरंत फ्रीज करने की अपील इससे मोबाइल में दूसरा सिम लगने पर पुलिस को उसे ट्रैक करने में आसानी होती है। एसपी ने लोगों को सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने में भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चोरी या गुम हुआ मोबाइल खरीदने पर खरीदार भी कानूनी परेशानी में फंस सकता है। इसलिए मोबाइल खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी और बिल आदि की जांच जरूर करें। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल गुम होने के बाद उससे जुड़े बैंक खाते और अन्य वित्तीय जानकारी के दुरुपयोग का खतरा रहता है। इसलिए मोबाइल खोते ही संबंधित बैंक खाते को तत्काल सुरक्षित या फ्रीज कराने की कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कोई व्यक्ति मोबाइल का गलत इस्तेमाल कर खाते से पैसे की निकासी न कर सके। जमुई पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत 25 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। मंगलवार को मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई। यह ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत मोबाइल लौटाने की दूसरी कार्रवाई है। साइबर थाना की टीम ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के बाद विभिन्न स्थानों से इन मोबाइलों को बरामद किया। पुलिस ने बताया कि कुछ मोबाइल दूर-दराज के इलाकों से ट्रैक किए गए, जबकि अन्य को कूरियर और अन्य माध्यमों से मंगवाकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया गया। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत साइबर थाना पुलिस गुम और खोए हुए मोबाइलों की तकनीकी जानकारी जुटाकर उनकी लोकेशन और इस्तेमाल की निगरानी करती है। 25 लोगों को खोए हुए मोबाइल लौटाए गए मोबाइल में दूसरे सिम के इस्तेमाल की स्थिति में भी पुलिस को उसे ट्रैक करने में मदद मिलती है। साइबर डीएसपी ने बताया कि ‘संचार साथी’ पोर्टल के माध्यम से लोग अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसी व्यक्ति के नाम पर जारी फर्जी या अनधिकृत सिम का पता लगाने में मदद मिलती है। ऐसी स्थिति में संबंधित सिम के खिलाफ कार्रवाई कर उसका दुरुपयोग रोका जा सकता है। एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि मंगलवार को 25 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल लौटाए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल थाने में शिकायत या सनहा दर्ज कराएं और ‘संचार साथी’ पोर्टल पर भी मोबाइल को रजिस्टर करें। बैंक अकाउंट्स को तुरंत फ्रीज करने की अपील इससे मोबाइल में दूसरा सिम लगने पर पुलिस को उसे ट्रैक करने में आसानी होती है। एसपी ने लोगों को सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने में भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चोरी या गुम हुआ मोबाइल खरीदने पर खरीदार भी कानूनी परेशानी में फंस सकता है। इसलिए मोबाइल खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी और बिल आदि की जांच जरूर करें। उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल गुम होने के बाद उससे जुड़े बैंक खाते और अन्य वित्तीय जानकारी के दुरुपयोग का खतरा रहता है। इसलिए मोबाइल खोते ही संबंधित बैंक खाते को तत्काल सुरक्षित या फ्रीज कराने की कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कोई व्यक्ति मोबाइल का गलत इस्तेमाल कर खाते से पैसे की निकासी न कर सके।


