जमुई पंचायत सरकार भवन में उद्घाटन से पहले दिखीं दरारें:छत पर पानी जमा होने की शिकायत, 2.30 करोड़ से बना है बिल्डिंग

जमुई पंचायत सरकार भवन में उद्घाटन से पहले दिखीं दरारें:छत पर पानी जमा होने की शिकायत, 2.30 करोड़ से बना है बिल्डिंग

जमुई जिले के खैरा पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता पर उसके उद्घाटन से पहले ही सवाल उठ गए हैं। लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह भवन अभी आम लोगों के लिए विधिवत रूप से शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन इसकी कई दीवारों और बाहरी हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस भवन का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन के लगभग हर कमरे में किसी न किसी हिस्से में दरारें मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त, भवन की छत पर बारिश का पानी जमा होने की शिकायत भी सामने आई है। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था और भवन की निगरानी को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस सरकारी भवन के उपयोग में आने से पहले ही ऐसी खामियां सामने आने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। वे निर्माण में बरती गई लापरवाही पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि शैलेंद्र रावत ने बताया कि पंचायत सरकार भवन का हस्तांतरण लगभग दो-चार दिन पहले हुआ था और उन्हें भवन की चाबी मिली थी। भवन खोलने और अंदर निरीक्षण करने पर उन्होंने कई कमरों की दीवारों में दरारें देखीं। उन्होंने यह भी बताया कि बाहरी दीवारों पर भी जगह-जगह दरारें हैं और छत पर पानी जमा होने की समस्या भी सामने आई है। पुट्टी और रंग के जरिए दरारें ढकने की कोशिश रावत ने तुरंत इसकी जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी। उनकी शिकायत के बाद विभाग के कनीय अभियंता रंजीत कुमार मौके पर पहुंचे। मुखिया प्रतिनिधि का आरोप है कि दरारों की स्थायी मरम्मत करने के बजाय उन्हें पुट्टी और रंग के जरिए ढकने की कोशिश की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल दरारों को ऊपर से छिपाने के बजाय यह जांच आवश्यक है कि ये दरारें क्यों आईं और भवन की संरचनात्मक मजबूती की वास्तविक स्थिति क्या है। इस संबंध में, भवन निर्माण विभाग के कनीय अभियंता रंजीत कुमार ने बताया कि भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की तीन वर्षों तक है। पंचायत स्तर पर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना उद्देश्य उन्होंने पुष्टि की कि फिलहाल भवन में मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भवन करीब छह महीने से खुला हुआ था और इस दौरान क्या स्थिति बनी, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। पंचायत सरकार भवन का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। ऐसे में उद्घाटन से पहले ही भवन में दरारें सामने आना निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जमुई जिले के खैरा पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता पर उसके उद्घाटन से पहले ही सवाल उठ गए हैं। लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह भवन अभी आम लोगों के लिए विधिवत रूप से शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन इसकी कई दीवारों और बाहरी हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस भवन का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन के लगभग हर कमरे में किसी न किसी हिस्से में दरारें मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त, भवन की छत पर बारिश का पानी जमा होने की शिकायत भी सामने आई है। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था और भवन की निगरानी को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस सरकारी भवन के उपयोग में आने से पहले ही ऐसी खामियां सामने आने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। वे निर्माण में बरती गई लापरवाही पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि शैलेंद्र रावत ने बताया कि पंचायत सरकार भवन का हस्तांतरण लगभग दो-चार दिन पहले हुआ था और उन्हें भवन की चाबी मिली थी। भवन खोलने और अंदर निरीक्षण करने पर उन्होंने कई कमरों की दीवारों में दरारें देखीं। उन्होंने यह भी बताया कि बाहरी दीवारों पर भी जगह-जगह दरारें हैं और छत पर पानी जमा होने की समस्या भी सामने आई है। पुट्टी और रंग के जरिए दरारें ढकने की कोशिश रावत ने तुरंत इसकी जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी। उनकी शिकायत के बाद विभाग के कनीय अभियंता रंजीत कुमार मौके पर पहुंचे। मुखिया प्रतिनिधि का आरोप है कि दरारों की स्थायी मरम्मत करने के बजाय उन्हें पुट्टी और रंग के जरिए ढकने की कोशिश की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल दरारों को ऊपर से छिपाने के बजाय यह जांच आवश्यक है कि ये दरारें क्यों आईं और भवन की संरचनात्मक मजबूती की वास्तविक स्थिति क्या है। इस संबंध में, भवन निर्माण विभाग के कनीय अभियंता रंजीत कुमार ने बताया कि भवन के रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की तीन वर्षों तक है। पंचायत स्तर पर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना उद्देश्य उन्होंने पुष्टि की कि फिलहाल भवन में मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भवन करीब छह महीने से खुला हुआ था और इस दौरान क्या स्थिति बनी, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। पंचायत सरकार भवन का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को प्रखंड मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। ऐसे में उद्घाटन से पहले ही भवन में दरारें सामने आना निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *