बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित पावर हाउस चौक के पास मंगलवार को नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और लोगों ने अस्पताल के सामने जमकर हंगामा किया और NH-31 को जाम कर दिया। 4 घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही सदर बीडीओ रविशंकर कुमार और नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। मृतका की पहचान नावकोठी थाना क्षेत्र के गौरीपुर गांव निवासी डब्लू चौधरी की पत्नी नीतू कुमारी (20) के रूप में हुई है। सदर अस्पताल से ऑपरेटर ने प्राइवेट अस्पताल भेजा घटना के संबंध में मृतका के चचेरे भाई विवेक कुमार ने आरोप लगाया है कि सोमवार को नीतू कुमारी को प्रसव के लिए लाया गया था। सदर अस्पताल में कार्यरत ऑपरेटर राजनारायण ने उन्हें पावर हाउस चौक स्थित इस निजी अस्पताल में भेजने का काम किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना किसी प्रॉपर जांच और कागजी प्रक्रिया के मरीज को भर्ती कर लिया गया। रात में ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई और बच्चा निकाला गया। इसके बाद जब ब्लीडिंग (रक्तस्राव) नहीं रुका, तो डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन कर बच्चेदानी तक निकाल दी। अस्पताल में कोई क्वालिफाइड या ट्रेंड डॉक्टर मौजूद नहीं था। बल्कि अनुभवहीन कर्मियों द्वारा इलाज किया जा रहा था। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई, तो अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को डरा-धमकाकर और पुलिस का डर दिखाकर रात 10 बजे बारिश के दौरान ही बाहर निकाल दिया। परिजन बोले- डिस्चार्ज स्लिप पर न सही उम्र, न डॉक्टरों के सिग्नेचर परिजनों ने अस्पताल का पर्चा (डिस्चार्ज स्लिप) दिखाते हुए कहा कि उस पर न तो मरीज का बीपी दर्ज है, न सही उम्र और न ही डॉक्टर के सिग्नेचर हैं। आक्रोशित लोगों ने इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर नेहा कुमारी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 10 लाख रुपये मुआवजे और अस्पताल को सील करने की मांग को लेकर एनएच-31 फोरलेन को दो बार आंशिक रूप से जाम कर दिया। 4 घंटे से अधिक समय तक चले इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंचे सदर बीडीओ रविशंकर कुमार ने बताया कि नीतू कुमारी को इलाज के लिए नेशनल हॉस्पिटल लाया गया था। ऑपरेशन के दौरान हुई अनहोनी से महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से यह घटना घटी है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगता है। परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित पावर हाउस चौक के पास मंगलवार को नेशनल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और लोगों ने अस्पताल के सामने जमकर हंगामा किया और NH-31 को जाम कर दिया। 4 घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही सदर बीडीओ रविशंकर कुमार और नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। मृतका की पहचान नावकोठी थाना क्षेत्र के गौरीपुर गांव निवासी डब्लू चौधरी की पत्नी नीतू कुमारी (20) के रूप में हुई है। सदर अस्पताल से ऑपरेटर ने प्राइवेट अस्पताल भेजा घटना के संबंध में मृतका के चचेरे भाई विवेक कुमार ने आरोप लगाया है कि सोमवार को नीतू कुमारी को प्रसव के लिए लाया गया था। सदर अस्पताल में कार्यरत ऑपरेटर राजनारायण ने उन्हें पावर हाउस चौक स्थित इस निजी अस्पताल में भेजने का काम किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना किसी प्रॉपर जांच और कागजी प्रक्रिया के मरीज को भर्ती कर लिया गया। रात में ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई और बच्चा निकाला गया। इसके बाद जब ब्लीडिंग (रक्तस्राव) नहीं रुका, तो डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन कर बच्चेदानी तक निकाल दी। अस्पताल में कोई क्वालिफाइड या ट्रेंड डॉक्टर मौजूद नहीं था। बल्कि अनुभवहीन कर्मियों द्वारा इलाज किया जा रहा था। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई, तो अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को डरा-धमकाकर और पुलिस का डर दिखाकर रात 10 बजे बारिश के दौरान ही बाहर निकाल दिया। परिजन बोले- डिस्चार्ज स्लिप पर न सही उम्र, न डॉक्टरों के सिग्नेचर परिजनों ने अस्पताल का पर्चा (डिस्चार्ज स्लिप) दिखाते हुए कहा कि उस पर न तो मरीज का बीपी दर्ज है, न सही उम्र और न ही डॉक्टर के सिग्नेचर हैं। आक्रोशित लोगों ने इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर नेहा कुमारी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 10 लाख रुपये मुआवजे और अस्पताल को सील करने की मांग को लेकर एनएच-31 फोरलेन को दो बार आंशिक रूप से जाम कर दिया। 4 घंटे से अधिक समय तक चले इस हंगामे के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौके पर पहुंचे सदर बीडीओ रविशंकर कुमार ने बताया कि नीतू कुमारी को इलाज के लिए नेशनल हॉस्पिटल लाया गया था। ऑपरेशन के दौरान हुई अनहोनी से महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से यह घटना घटी है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लगता है। परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

