जमालपुर में विराट भादवा महोत्सव शुरू:पहले दिन कोलकाता की झांकियों और नामचीन भजन गायकों ने बांधा समां, देर रात तक झूमे श्रद्धालु

जमालपुर में विराट भादवा महोत्सव शुरू:पहले दिन कोलकाता की झांकियों और नामचीन भजन गायकों ने बांधा समां, देर रात तक झूमे श्रद्धालु

जमालपुर में श्री राणी सती दादी जी के भादवा महोत्सव की शुरुआत गुरुवार को हुई। राणी सती मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने दीप जलाकर महोत्सव का आगाज किया। मुख्य यजमान माधव मस्कारा और उनकी पत्नी ने संतोष पाठक की मौजूदगी में पूजा-अर्चना कर दादी जी की ज्योत जलाई। ज्योत जलते ही पूरा परिसर दादी के जयकारों से गूंज उठा। महोत्सव की शुरुआत स्थानीय कलाकार अभिजीत आनंद ने गणेश वंदना और ‘देना हो तो दीजिए जन्म-जन्म का साथ’ जैसे भजनों से की। इसके बाद कोलकाता से आए बंटी ग्रुप एंड पार्टी ने दादी जी, भगवान गणेश और रामलीला पर आधारित आकर्षक झांकियां पेश कीं। इलाहाबाद से आईं भजन गायिका बुलबुल अग्रवाल ने ‘गर जोर में चाले हीरे मोतिया से नजर उतार दूं’ और ‘दादी दादी बोल, दादी सुन लेसी’ जैसे भजन गाए, जिससे श्रद्धालु झूमने लगे। मुजफ्फरपुर से आए प्रीतम चक्रधारी ने दादी, बालाजी और महादेव के भजनों से माहौल को और भक्तिमय बनाया। उनके ‘हम दादी वाले हैं’ और ‘सब तेरो, सांवरिया सेठ, मेरा तो कुछ भी नहीं’ जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने खूब तालियां बजाईं। संगीत की जिम्मेदारी ढोलक पर नंदन सिंह, ऑक्टोपैड पर प्रीतम झा, कीबोर्ड पर राजेश और बैंजो पर बादल जी ने संभाली। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। इस महोत्सव में अध्यक्ष संजय मेहारिया, गिरधर संघई, शेखर खेतान, राजकुमार शर्मा, गोपाल शर्मा, पारस शर्मा, सुरेश बुदिया, पवन बुदिया, शंकर लाल शर्मा, जयशंकर शर्मा, कमलेश खेतान, शिवम मस्कारा, सुमित जलान, विशाल संघई, संजीव फिटकरी वाला, रितेश शर्मा, अलका मेहारिया, सरोज मेहारिया, तारा देवी मेहारिया, प्रभा संघई, रेखा, कृति, विशाखा सहित दादी महिला समिति की सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जमालपुर में श्री राणी सती दादी जी के भादवा महोत्सव की शुरुआत गुरुवार को हुई। राणी सती मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने दीप जलाकर महोत्सव का आगाज किया। मुख्य यजमान माधव मस्कारा और उनकी पत्नी ने संतोष पाठक की मौजूदगी में पूजा-अर्चना कर दादी जी की ज्योत जलाई। ज्योत जलते ही पूरा परिसर दादी के जयकारों से गूंज उठा। महोत्सव की शुरुआत स्थानीय कलाकार अभिजीत आनंद ने गणेश वंदना और ‘देना हो तो दीजिए जन्म-जन्म का साथ’ जैसे भजनों से की। इसके बाद कोलकाता से आए बंटी ग्रुप एंड पार्टी ने दादी जी, भगवान गणेश और रामलीला पर आधारित आकर्षक झांकियां पेश कीं। इलाहाबाद से आईं भजन गायिका बुलबुल अग्रवाल ने ‘गर जोर में चाले हीरे मोतिया से नजर उतार दूं’ और ‘दादी दादी बोल, दादी सुन लेसी’ जैसे भजन गाए, जिससे श्रद्धालु झूमने लगे। मुजफ्फरपुर से आए प्रीतम चक्रधारी ने दादी, बालाजी और महादेव के भजनों से माहौल को और भक्तिमय बनाया। उनके ‘हम दादी वाले हैं’ और ‘सब तेरो, सांवरिया सेठ, मेरा तो कुछ भी नहीं’ जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने खूब तालियां बजाईं। संगीत की जिम्मेदारी ढोलक पर नंदन सिंह, ऑक्टोपैड पर प्रीतम झा, कीबोर्ड पर राजेश और बैंजो पर बादल जी ने संभाली। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। इस महोत्सव में अध्यक्ष संजय मेहारिया, गिरधर संघई, शेखर खेतान, राजकुमार शर्मा, गोपाल शर्मा, पारस शर्मा, सुरेश बुदिया, पवन बुदिया, शंकर लाल शर्मा, जयशंकर शर्मा, कमलेश खेतान, शिवम मस्कारा, सुमित जलान, विशाल संघई, संजीव फिटकरी वाला, रितेश शर्मा, अलका मेहारिया, सरोज मेहारिया, तारा देवी मेहारिया, प्रभा संघई, रेखा, कृति, विशाखा सहित दादी महिला समिति की सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।  

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