बिहार में शराबबंदी के बीच सुरक्षा में तैनात आरपीएफ जवान ही तस्करी का जरिया बन गया। गोरखपुर-सीवान रेलखंड पर चलने वाली डाउन जनसेवा एक्सप्रेस में आरपीएफ एस्कॉर्ट टीम के जवान अमरेंद्र ने शराब से भरा ट्रॉली बैग बरामद किया। लेकिन उसने इसे किसी आरपीएफ पोस्ट या जीआरपी थाने को नहीं सौंपा। उसने जब्त शराब सारण जिले के एकमा के पास एक तस्कर को बेच दी। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री ने शराब बरामदगी का वीडियो बना लिया। उसने यह वीडियो रेलवे के ट्विटर पर पोस्ट कर दिया। ट्वीट के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ वाराणसी रेल मंडल के सीनियर कमांडेंट ने तत्काल जांच टीम गठित की। सीवान आरपीएफ के अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया। जांच के दौरान टीम ने एकमा के पास से वही खाली ट्रॉली बैग बरामद कर लिया। आरपीएफ छपरा के असिस्टेंट कमांडेंट के अनुसार, जांच में जवान पर लगे आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। इसके बाद आरोपी जवान अमरेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साठगांठ से तस्करी जारी बिहार में वर्ष 2016 से शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के भटनी, भाटपार और देवरिया जैसे स्टेशनों से ट्रेनों के जरिए सीवान, मैरवा, जीरादेई, दरौंदा और छपरा तक शराब की तस्करी हो रही है। यह मामला दिखाता है कि तस्करों के साथ-साथ सुरक्षा में लगे जवानों की साठगांठ से भी तस्करी चल रही है। बिहार में शराबबंदी के बीच सुरक्षा में तैनात आरपीएफ जवान ही तस्करी का जरिया बन गया। गोरखपुर-सीवान रेलखंड पर चलने वाली डाउन जनसेवा एक्सप्रेस में आरपीएफ एस्कॉर्ट टीम के जवान अमरेंद्र ने शराब से भरा ट्रॉली बैग बरामद किया। लेकिन उसने इसे किसी आरपीएफ पोस्ट या जीआरपी थाने को नहीं सौंपा। उसने जब्त शराब सारण जिले के एकमा के पास एक तस्कर को बेच दी। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री ने शराब बरामदगी का वीडियो बना लिया। उसने यह वीडियो रेलवे के ट्विटर पर पोस्ट कर दिया। ट्वीट के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ वाराणसी रेल मंडल के सीनियर कमांडेंट ने तत्काल जांच टीम गठित की। सीवान आरपीएफ के अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया। जांच के दौरान टीम ने एकमा के पास से वही खाली ट्रॉली बैग बरामद कर लिया। आरपीएफ छपरा के असिस्टेंट कमांडेंट के अनुसार, जांच में जवान पर लगे आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। इसके बाद आरोपी जवान अमरेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साठगांठ से तस्करी जारी बिहार में वर्ष 2016 से शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के भटनी, भाटपार और देवरिया जैसे स्टेशनों से ट्रेनों के जरिए सीवान, मैरवा, जीरादेई, दरौंदा और छपरा तक शराब की तस्करी हो रही है। यह मामला दिखाता है कि तस्करों के साथ-साथ सुरक्षा में लगे जवानों की साठगांठ से भी तस्करी चल रही है।

