प्रयागराज में जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने 18 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। यह कार्रवाई शिकायतों के सतही निस्तारण के मामले में की गई है। सोमवार को तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने एक नई पहल करते हुए विगत तहसील दिवस के निस्तारित प्रकरणों का औचक सत्यापन कराया। इस दौरान 17 जिला स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से 51 रैंडम मामलों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि 22 प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं से बेहद असंतोषजनक प्रतिक्रिया मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर ही किया था, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई थी। शिकायतकर्ताओं के असंतोष और सतही रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों और लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की गई। इस क्रम में, संतोषजनक रिपोर्ट न प्रस्तुत करने और सतही आख्या लगाने वाले अवर अभियंता नगर निगम सीपी पाण्डेय, कर अधीक्षक जोन-1 सतीश चन्द्र, उप निरीक्षक थाना मुट्टीगंज सौम्यापुंज पाण्डेय, जेई नगर निगम दीपक कुमार, लेखपाल मनीष कुमार, राजस्व निरीक्षक सदर ओम प्रकाश यादव, कर अधीक्षक जोन-1 सतीश चन्द्र, जेई नगर निगम विनोद कुमार और लेखपाल प्रियंका पालीवाल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, राजस्व विभाग सदर की एमजे हर्षिता वर्मा, कर अधीक्षक जोन-5 झम्मन सिंह, नगरीय वितरण खंड बमरौली के अधिशासी अभियंता विद्युत, लेखपाल सदर सुधीर कुमार और कर अधीक्षक जोन-2 जया सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, राजस्व निरीक्षक सदर चन्द्रशेखर आजाद, कर अधीक्षक जोन-6 ट्रांसपोर्ट नगर, उप खंड अधिकारी टैगोर टाऊन, कैंट थाना के एसआई मनीष कुमार उपाध्याय और नगर निगम के अवर अभियंता विद्युत अविनाश उमार को चेतावनी दी गई है। प्रशासनिक हलकों में इस बड़ी कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ी है।

