गोपालगंज में बांध टूटने से दियारावासी परेशान:पूर्व विधायक ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, प्रभारी मंत्री से दौरे की अपील

गोपालगंज में बांध टूटने से दियारावासी परेशान:पूर्व विधायक ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, प्रभारी मंत्री से दौरे की अपील

गोपालगंज। बाल्मीकि नगर बराज से छोड़े गए भारी मात्रा में 5 लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी ने दियारा इलाके के लोगों की मुश्किले बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा समस्या बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा इलाके के लोगो को है रही है, क्योंकि पानी के दबाव के कारण शीतलपुर रिंग बांध टूटने के बाद प्रखंड के कई गांव बाढ़ के विभीषिका से त्राहिमाम कर रहे है। बताया जाता है कि रिंग बांध में एक छोटे से लीकेज की समय पर मरम्मत न होने से यह बड़ा हादसा हुआ, जिससे हजारों किसानों की एकड़ में फैली फसलें और सब्जियां बर्बाद हो गईं। स्थानीय लोगों के सामने भोजन, पशु चारा, महिलाओं के लिए शौचालय और बच्चों के लिए दूध जैसी मूलभूत सुविधाओं का गहरा संकट खड़ा हो गया है। विभीषिका के लिए सीधा जिम्मेदार ठहराया ऐसे में एक ओर शासन प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव मदद करने की बात कही जा रही है वही विपक्ष लगातार शासन प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर कई सवाल उठा रहा है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं। कम्युनिटी किचन की व्यवस्था बेहद लचर है; जहां दो हजार की आबादी प्रभावित है, वहां महज दो सौ लोगों के खाने का पैकेट भेजा जा रहा है। 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलना प्रशासनिक अव्यवस्था को उजागर करता है। प्रशासन राहत और मुआवजे के नाम पर केवल खानापूर्ति और छल कर रहा है। बैकुंठपुर के पूर्व विधायक प्रेमशंकर यादव ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को इस विभीषिका के लिए सीधा जिम्मेदार ठहराया है। ”सत्ता में बैठी सरकार निष्पक्ष जांच कराए” उन्होंने कहा कि समय रहते डीएम और एसडीएम को लीकेज की जानकारी देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की लापरवाही सामने आती है। पूर्व विधायक ने वर्तमान जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा मंत्री पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल औपचारिकता निभा रहे हैं और जमीनी हकीकत से दूर हैं। बांध टूटने की साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने चुनौती दी कि केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता में बैठी सरकार निष्पक्ष जांच कराए। चारा समेत कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही इसके साथ ही, उन्होंने कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री से बैकुंठपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों के नुकसान का जायजा लेने की मांग की है। वही इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि मैं शिक्षा मंत्री होने के अलावा क्षेत्र का विधायक हूं। और मै अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहता हूं दिन हो या रात है समय बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए उपस्थित रहता हूं कुछ लोगो को सिर्फ आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं कहने वाले कहते रहे। सरकार और प्रशासन लगातार अपना काम कर रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए कम्यूनिटी किचन आश्रय स्थल पशुओं की चारा समेत कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। फिलहाल पानी का लेबल कम हुआ है जल्द से हालात सामान्य हो जाएंगे। गोपालगंज। बाल्मीकि नगर बराज से छोड़े गए भारी मात्रा में 5 लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी ने दियारा इलाके के लोगों की मुश्किले बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा समस्या बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा इलाके के लोगो को है रही है, क्योंकि पानी के दबाव के कारण शीतलपुर रिंग बांध टूटने के बाद प्रखंड के कई गांव बाढ़ के विभीषिका से त्राहिमाम कर रहे है। बताया जाता है कि रिंग बांध में एक छोटे से लीकेज की समय पर मरम्मत न होने से यह बड़ा हादसा हुआ, जिससे हजारों किसानों की एकड़ में फैली फसलें और सब्जियां बर्बाद हो गईं। स्थानीय लोगों के सामने भोजन, पशु चारा, महिलाओं के लिए शौचालय और बच्चों के लिए दूध जैसी मूलभूत सुविधाओं का गहरा संकट खड़ा हो गया है। विभीषिका के लिए सीधा जिम्मेदार ठहराया ऐसे में एक ओर शासन प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव मदद करने की बात कही जा रही है वही विपक्ष लगातार शासन प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर कई सवाल उठा रहा है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं। कम्युनिटी किचन की व्यवस्था बेहद लचर है; जहां दो हजार की आबादी प्रभावित है, वहां महज दो सौ लोगों के खाने का पैकेट भेजा जा रहा है। 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलना प्रशासनिक अव्यवस्था को उजागर करता है। प्रशासन राहत और मुआवजे के नाम पर केवल खानापूर्ति और छल कर रहा है। बैकुंठपुर के पूर्व विधायक प्रेमशंकर यादव ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को इस विभीषिका के लिए सीधा जिम्मेदार ठहराया है। ”सत्ता में बैठी सरकार निष्पक्ष जांच कराए” उन्होंने कहा कि समय रहते डीएम और एसडीएम को लीकेज की जानकारी देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की लापरवाही सामने आती है। पूर्व विधायक ने वर्तमान जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा मंत्री पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल औपचारिकता निभा रहे हैं और जमीनी हकीकत से दूर हैं। बांध टूटने की साजिश के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने चुनौती दी कि केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता में बैठी सरकार निष्पक्ष जांच कराए। चारा समेत कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही इसके साथ ही, उन्होंने कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री से बैकुंठपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों के नुकसान का जायजा लेने की मांग की है। वही इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि मैं शिक्षा मंत्री होने के अलावा क्षेत्र का विधायक हूं। और मै अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहता हूं दिन हो या रात है समय बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए उपस्थित रहता हूं कुछ लोगो को सिर्फ आरोप लगाने के अलावा और कोई काम नहीं कहने वाले कहते रहे। सरकार और प्रशासन लगातार अपना काम कर रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए कम्यूनिटी किचन आश्रय स्थल पशुओं की चारा समेत कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। फिलहाल पानी का लेबल कम हुआ है जल्द से हालात सामान्य हो जाएंगे।  

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