किशनगंज में रक्षाबंधन पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां जदयू नेता परवेज आलम उर्फ ‘गुड्डू’ ने वार्ड संख्या 23 की वार्ड पार्षद नमिता हांसदा से राखी बंधवाई। राखी बांधने के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान, विश्वास और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस पहल की सराहना करते हुए मौजूद लोगों ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। परवेज आलम ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, सुरक्षा, सम्मान और विश्वास का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे अवसरों को महत्वपूर्ण बताया। त्योहार पर सामाजिक सद्भाव होता है मजबूत वार्ड पार्षद नमिता हांसदा ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग जब एक-दूसरे के पर्व में शामिल होते हैं, तो सामाजिक सद्भाव और मजबूत होता है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि प्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना किसी धर्म, जाति या समुदाय की सीमाओं में बंधी नहीं होती। किशनगंज की यह तस्वीर जिले की गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी सौहार्द की परंपरा को और मजबूत करने वाली साबित हुई। शिवाजी सेना की बहनों ने SSB जवानों को बांधी राखी इसके अलावा किशनगंज फरिंगोला स्थित सशस्त्र सीमा बल की 12 वीं वाहिनी पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वीर शिवाजी सेना की बहनों ने SSB के वीर जवानों को राखी बांधकर भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया। इस अवसर पर बहनों ने कहा कि SSB के जवान सीमा पर मुस्तैदी से तैनात रहकर देश की सुरक्षा करते हैं और अपने परिवार से दूर रहते हैं। उनकी कलाई सूनी न रहे, इसलिए वीर शिवाजी सेना की बहनें हर साल उनके साथ रक्षाबंधन मनाती हैं। कार्यक्रम के दौरान जवानों ने बहनों को रक्षा का वचन दिया। इस दौरान पूरा माहौल देशभक्ति और भावुकता से भर गया। किशनगंज में रक्षाबंधन पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां जदयू नेता परवेज आलम उर्फ ‘गुड्डू’ ने वार्ड संख्या 23 की वार्ड पार्षद नमिता हांसदा से राखी बंधवाई। राखी बांधने के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान, विश्वास और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस पहल की सराहना करते हुए मौजूद लोगों ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। परवेज आलम ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, सुरक्षा, सम्मान और विश्वास का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने के लिए ऐसे अवसरों को महत्वपूर्ण बताया। त्योहार पर सामाजिक सद्भाव होता है मजबूत वार्ड पार्षद नमिता हांसदा ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग जब एक-दूसरे के पर्व में शामिल होते हैं, तो सामाजिक सद्भाव और मजबूत होता है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि प्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना किसी धर्म, जाति या समुदाय की सीमाओं में बंधी नहीं होती। किशनगंज की यह तस्वीर जिले की गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी सौहार्द की परंपरा को और मजबूत करने वाली साबित हुई। शिवाजी सेना की बहनों ने SSB जवानों को बांधी राखी इसके अलावा किशनगंज फरिंगोला स्थित सशस्त्र सीमा बल की 12 वीं वाहिनी पर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वीर शिवाजी सेना की बहनों ने SSB के वीर जवानों को राखी बांधकर भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया। इस अवसर पर बहनों ने कहा कि SSB के जवान सीमा पर मुस्तैदी से तैनात रहकर देश की सुरक्षा करते हैं और अपने परिवार से दूर रहते हैं। उनकी कलाई सूनी न रहे, इसलिए वीर शिवाजी सेना की बहनें हर साल उनके साथ रक्षाबंधन मनाती हैं। कार्यक्रम के दौरान जवानों ने बहनों को रक्षा का वचन दिया। इस दौरान पूरा माहौल देशभक्ति और भावुकता से भर गया।

