छोटे भाई की हत्या में बड़े को 10 साल सजा:गोपालगंज कोर्ट ने 20 हजार का जुर्माना लगाया, शराब बेचने से रोकने पर किया था हमला

छोटे भाई की हत्या में बड़े को 10 साल सजा:गोपालगंज कोर्ट ने 20 हजार का जुर्माना लगाया, शराब बेचने से रोकने पर किया था हमला

गोपालगंज के सिविल कोर्ट स्थित डीएजे-10 की अदालत ने छोटे भाई की हत्या के मामले में बड़े भाई को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी चंद्रभान तिवारी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला शराब बेचने का विरोध करने पर छोटे भाई पर लाठी से हमला करने और बाद में उसकी मौत होने से जुड़ा है। शराब बेचने से मना करने पर हुआ था विवाद अभियोजन पक्ष के अपर लोक अभियोजक जयराम साह के अनुसार, मामला हथुआ थाना क्षेत्र के बरीईशर गांव का है। गांव निवासी सुबास तिवारी के बेटे चंद्रभान तिवारी पर अवैध रूप से शराब बेचने का आरोप था। उसके छोटे भाई धनंजय तिवारी ने इसका विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया। 18 जून 2023 को सिर पर किया था हमला अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विवाद के दौरान 18 जून 2023 को चंद्रभान तिवारी ने छोटे भाई धनंजय के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा था। हमले में गंभीर रूप से घायल धनंजय तिवारी की 28 जून 2023 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर फैसला अपर लोक अभियोजक जयराम साह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता योगेश्वर सिंह की दलीलें सुनने के बाद डीएजे-10 के न्यायाधीश राजेश कुमार वर्मा की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट पर विचार किया। अदालत ने चंद्रभान तिवारी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा अदालत के आदेश के अनुसार, 20 हजार रुपये का अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में सुनाई गई सजा का विवरण अभियोजन पक्ष की ओर से दिया गया है। गोपालगंज के सिविल कोर्ट स्थित डीएजे-10 की अदालत ने छोटे भाई की हत्या के मामले में बड़े भाई को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी चंद्रभान तिवारी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला शराब बेचने का विरोध करने पर छोटे भाई पर लाठी से हमला करने और बाद में उसकी मौत होने से जुड़ा है। शराब बेचने से मना करने पर हुआ था विवाद अभियोजन पक्ष के अपर लोक अभियोजक जयराम साह के अनुसार, मामला हथुआ थाना क्षेत्र के बरीईशर गांव का है। गांव निवासी सुबास तिवारी के बेटे चंद्रभान तिवारी पर अवैध रूप से शराब बेचने का आरोप था। उसके छोटे भाई धनंजय तिवारी ने इसका विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया। 18 जून 2023 को सिर पर किया था हमला अभियोजन पक्ष के मुताबिक, विवाद के दौरान 18 जून 2023 को चंद्रभान तिवारी ने छोटे भाई धनंजय के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा था। हमले में गंभीर रूप से घायल धनंजय तिवारी की 28 जून 2023 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर फैसला अपर लोक अभियोजक जयराम साह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता योगेश्वर सिंह की दलीलें सुनने के बाद डीएजे-10 के न्यायाधीश राजेश कुमार वर्मा की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट पर विचार किया। अदालत ने चंद्रभान तिवारी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा अदालत के आदेश के अनुसार, 20 हजार रुपये का अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में सुनाई गई सजा का विवरण अभियोजन पक्ष की ओर से दिया गया है।  

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