छात्रों पर दर्ज झूठे केस वापस ले सरकार:बाबूलाल मरांडी बोले- 26 दिन से संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्र, फिर दर्ज हुए केस

छात्रों पर दर्ज झूठे केस वापस ले सरकार:बाबूलाल मरांडी बोले- 26 दिन से संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्र, फिर दर्ज हुए केस

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी आज रामगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला। मरांडी ने कहा कि छात्र पिछले 26 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संवैधानिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके घरों तक पहुंचकर परिजनों को भी मानसिक रूप से परेशान कर रही है। मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। JMM कार्यकर्ताओं पर लगाए मारपीट के आरोप बाबूलाल मरांडी ने 21 अगस्त को पूरे राज्य में छात्रों की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से छात्रों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। मरांडी के अनुसार, इस दौरान छात्रों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया, लेकिन पुलिस ने झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इसके उलट छात्रों को ही आरोपी बनाकर मामले दर्ज कर दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के लिए अलग नियम और आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए अलग नियम अपनाए जा रहे हैं। ऐसी धमकी लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण मरांडी ने रामगढ़ के झामुमो नेता विनोद किस्कु के वायरल बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वायरल बयान में कथित तौर पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने वालों को “पटक-पटक कर मारा जाएगा” जैसी धमकी दी गई। मरांडी ने इस तरह के बयान को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता को विरोध करने वालों को हिंसा की धमकी देने का अधिकार नहीं है। यदि किसी कार्यक्रम को लेकर आपत्ति है तो उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि यदि छात्रों ने संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन किया था, तो उनके खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की जा रही है। केस वापस नहीं हुए तो पूरे झारखंड में उतरेंगे छात्र नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड में छात्र सड़कों पर उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थिति बिगड़ने से पहले छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। मरांडी ने कहा कि छात्रों के परिवारों को परेशान करने की कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने एक बार फिर सरकार से अपील की कि छात्रों पर दर्ज मामलों को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन और व्यापक हो सकता है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी आज रामगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों के साथ गलत व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला। मरांडी ने कहा कि छात्र पिछले 26 दिनों से अपनी मांगों को लेकर संवैधानिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके घरों तक पहुंचकर परिजनों को भी मानसिक रूप से परेशान कर रही है। मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। JMM कार्यकर्ताओं पर लगाए मारपीट के आरोप बाबूलाल मरांडी ने 21 अगस्त को पूरे राज्य में छात्रों की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से छात्रों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की। मरांडी के अनुसार, इस दौरान छात्रों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया, लेकिन पुलिस ने झामुमो कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इसके उलट छात्रों को ही आरोपी बनाकर मामले दर्ज कर दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस की यह कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के लिए अलग नियम और आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए अलग नियम अपनाए जा रहे हैं। ऐसी धमकी लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण मरांडी ने रामगढ़ के झामुमो नेता विनोद किस्कु के वायरल बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वायरल बयान में कथित तौर पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाने वालों को “पटक-पटक कर मारा जाएगा” जैसी धमकी दी गई। मरांडी ने इस तरह के बयान को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता को विरोध करने वालों को हिंसा की धमकी देने का अधिकार नहीं है। यदि किसी कार्यक्रम को लेकर आपत्ति है तो उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि यदि छात्रों ने संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन किया था, तो उनके खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की जा रही है। केस वापस नहीं हुए तो पूरे झारखंड में उतरेंगे छात्र नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड में छात्र सड़कों पर उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थिति बिगड़ने से पहले छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। मरांडी ने कहा कि छात्रों के परिवारों को परेशान करने की कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने एक बार फिर सरकार से अपील की कि छात्रों पर दर्ज मामलों को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन और व्यापक हो सकता है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *