चलती ट्रेन में गर्भवती महिला को ब्लीडिंग, मिसकैरेज की आशंका:कटिहार में RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम ने बचाई जान, सदर अस्पताल में इलाज जारी

चलती ट्रेन में गर्भवती महिला को ब्लीडिंग, मिसकैरेज की आशंका:कटिहार में RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम ने बचाई जान, सदर अस्पताल में इलाज जारी

कटिहार रेलवे स्टेशन पर RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम ने एक गर्भवती महिला की जान बचाई। चलती ट्रेन में तबीयत बिगड़ने और ब्लीडिंग होने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया। ट्रेन संख्या 15910 अवध असम एक्सप्रेस में मंटू दास अपनी गर्भवती पत्नी के साथ एसी कोच A-2 की बर्थ 44-45 पर सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान महिला को तेज दर्द उठा और बहुत खून बहने लगा। मंटू दास ने मदद मांगी। कटिहार जंक्शन पर RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम को सूचना मिली। महिला SI सारिका कुमारी टीम के साथ सक्रिय हुईं। RPF इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में डॉक्टर को बुलाया गया। महिला को पहुंचाया गया कटिहार सदर अस्पताल डॉक्टर ने जांच में गर्भपात की पुष्टि की। महिला की हालत गंभीर थी। टीम ने एंबुलेंस बुलाकर LCT एसके मीना व महिला जवानों की मदद से पीड़िता को कटिहार सदर अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज से जान बची, अब वह खतरे से बाहर है। मंटू दास और उनके परिजनों ने टीम के प्रति आभार जताया। मामले की जानकारी देते हुए महिला अधिकारी ने बताया कि आज वह बाबा [ट्रेन] के सामने अटेंड कर रही थीं, तभी ए-2 पोस्ट पर उन्हें एक महिला के बारे में सूचना मिली। उम्र लगभग 44-45 वर्ष बताई जा रही है, जिसे तेज ब्लीडिंग हो रही थी। पूछताछ में पता चला कि वह गर्भवती थी और संभवत उसका मिसकैरेज हो गया था। महिला के साथ उसका पति मौजूद मौके पर मौजूद महिला टीम ने तुरंत घेराव कर चादर से कवर किया और प्राथमिक सहायता दी। इसके बाद महिला को तुरंत सदर अस्पताल, कटिहार भेज दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। महिला के साथ उसके पति भी मौजूद थे।

महिला अधिकारी ने बताया कि पीड़िता का घर मुजफ्फरपुर बताया जा रहा है और वह ट्रेन से अपने गांव जा रही थी। महिला ने बताया था कि डॉक्टर ने पहले ही दवा दी थी, लेकिन ट्रेन में सफर के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। रेलवे पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की है। कटिहार रेलवे स्टेशन पर RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम ने एक गर्भवती महिला की जान बचाई। चलती ट्रेन में तबीयत बिगड़ने और ब्लीडिंग होने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया। ट्रेन संख्या 15910 अवध असम एक्सप्रेस में मंटू दास अपनी गर्भवती पत्नी के साथ एसी कोच A-2 की बर्थ 44-45 पर सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान महिला को तेज दर्द उठा और बहुत खून बहने लगा। मंटू दास ने मदद मांगी। कटिहार जंक्शन पर RPF की ‘मेरी सहेली’ टीम को सूचना मिली। महिला SI सारिका कुमारी टीम के साथ सक्रिय हुईं। RPF इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में डॉक्टर को बुलाया गया। महिला को पहुंचाया गया कटिहार सदर अस्पताल डॉक्टर ने जांच में गर्भपात की पुष्टि की। महिला की हालत गंभीर थी। टीम ने एंबुलेंस बुलाकर LCT एसके मीना व महिला जवानों की मदद से पीड़िता को कटिहार सदर अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज से जान बची, अब वह खतरे से बाहर है। मंटू दास और उनके परिजनों ने टीम के प्रति आभार जताया। मामले की जानकारी देते हुए महिला अधिकारी ने बताया कि आज वह बाबा [ट्रेन] के सामने अटेंड कर रही थीं, तभी ए-2 पोस्ट पर उन्हें एक महिला के बारे में सूचना मिली। उम्र लगभग 44-45 वर्ष बताई जा रही है, जिसे तेज ब्लीडिंग हो रही थी। पूछताछ में पता चला कि वह गर्भवती थी और संभवत उसका मिसकैरेज हो गया था। महिला के साथ उसका पति मौजूद मौके पर मौजूद महिला टीम ने तुरंत घेराव कर चादर से कवर किया और प्राथमिक सहायता दी। इसके बाद महिला को तुरंत सदर अस्पताल, कटिहार भेज दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। महिला के साथ उसके पति भी मौजूद थे।

महिला अधिकारी ने बताया कि पीड़िता का घर मुजफ्फरपुर बताया जा रहा है और वह ट्रेन से अपने गांव जा रही थी। महिला ने बताया था कि डॉक्टर ने पहले ही दवा दी थी, लेकिन ट्रेन में सफर के दौरान अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। रेलवे पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की है।  

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