चंदौली जिले के सदर ब्लॉक के जसौली और नरसिंहपुर खुर्द गांवों के दर्जनों ग्रामीणों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में डीएम चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की। ग्रामीणों ने डीएम को गांव के सिवान और खेतों में गंभीर जलभराव की समस्या से अवगत कराया। नरसिंहपुर खुर्द के निवासी श्रीकांत विश्वकर्मा ने बताया कि उनके गांव के मौजा मझवार से एक पुराना नाला बना हुआ है। यह नाला खेतों के पानी को छीत्तो ड्रेन तक ले जाता है। इसके अलावा, नरसिंहपुर पुल और जसौली गांव के पुल के रास्ते से भी पानी जीटी रोड के दोनों ओर के नालों में जाता है, जो अंततः छीत्तो ड्रेन से होते हुए रॉयल ताल में मिलता है। ग्रामीणों के अनुसार, नरसिंहपुर से जीटी रोड के दोनों ओर (उत्तर और दक्षिण) नालों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इस अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव बाधित हो गया है। परिणामस्वरूप, बरसात के मौसम में जसौली माइनर टेल और लीलापुर माइनर टेल का पानी ठीक से निकल नहीं पाता, जिससे गांव, खेत और नाले लबालब भर जाते हैं और ओवरफ्लो होने लगते हैं। इससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है और फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। वर्तमान में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पूरा गांव जलमग्न है, और ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है। सड़कें पूरी तरह से पानी में डूबी हुई हैं, जिससे लोगों को घुटने भर पानी में चलकर आवागमन करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बंधी डिवीजन द्वारा जल्द ही पानी की निकासी की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान संतोष, विनोद कुमार, विवेक, पलकधारी और धीरेंद्र कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

