लखीसराय के नया बाजार स्थित जयनगर मुसहरी में एक घर की खुदाई के दौरान प्राचीन अष्टकोणीय शिवलिंग मिला है। यह शिवलिंग करीब 9वीं से 10वीं शताब्दी का बताया जा रहा है। शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई। संग्रहालय ले जाने की प्रक्रिया का ग्रामीणों ने किया विरोध स्थानीय लोगों की भीड़ शिवलिंग देखने के लिए जुट गई। लोगों ने पहले इसे किऊल नदी के किनारे स्थापित कर पूजा-अर्चना की। लखीसराय संग्रहालय को जानकारी मिलने पर उनकी टीम मौके पर पहुंची। कवैया थाना पुलिस की मौजूदगी में शिवलिंग को संग्रहालय ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, लेकिन काफी समझाने के बाद वे राजी हो गए। यह दुर्लभ शिवलिंग करीब तीन फीट लंबा और 2.7 फीट व्यास का है। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से इसे सुरक्षित तरीके से लखीसराय संग्रहालय में रखा गया है। लखीसराय के नया बाजार स्थित जयनगर मुसहरी में एक घर की खुदाई के दौरान प्राचीन अष्टकोणीय शिवलिंग मिला है। यह शिवलिंग करीब 9वीं से 10वीं शताब्दी का बताया जा रहा है। शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही इलाके में हलचल मच गई। संग्रहालय ले जाने की प्रक्रिया का ग्रामीणों ने किया विरोध स्थानीय लोगों की भीड़ शिवलिंग देखने के लिए जुट गई। लोगों ने पहले इसे किऊल नदी के किनारे स्थापित कर पूजा-अर्चना की। लखीसराय संग्रहालय को जानकारी मिलने पर उनकी टीम मौके पर पहुंची। कवैया थाना पुलिस की मौजूदगी में शिवलिंग को संग्रहालय ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, लेकिन काफी समझाने के बाद वे राजी हो गए। यह दुर्लभ शिवलिंग करीब तीन फीट लंबा और 2.7 फीट व्यास का है। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से इसे सुरक्षित तरीके से लखीसराय संग्रहालय में रखा गया है।

