गैस की किल्लत, बिजली गुल, अब दुकानों पर भी लगी टाइम लिमिट, अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से बांग्लादेश में हाहाकार

गैस की किल्लत, बिजली गुल, अब दुकानों पर भी लगी टाइम लिमिट, अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से बांग्लादेश में हाहाकार

Bangladesh power crisis 2026: बांग्लादेश गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है। तारिक रहमान सरकार ने दुकानें और बाजार को जल्दी बंद करने का फरमान जारी किया है। सरकार के नए आदेश के तहत दुकानें, बाजार और शॉपिंग मॉल अब सिर्फ सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक ही खुल सकेंगे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस पाबंदी से सिर्फ अस्पताल, दवा की दुकानें और खाने-पीने से जुड़े कारोबार को छूट दी गई है।

युद्ध की वजह से बांग्लादेश में हाहाकार

दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेवल ब्लॉकेड का असर दुनिया भर में पड़ रहा है। बांग्लादेश भी इससे अछूता नहीं है। ढाका समेत सभी इलाकों में गैस की कमी की वजह से बिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीक आवर्स के दौरान देश के नेशनल ग्रिड में कई सौ मेगावाट की कमी देखी जा रही है। इसके चलते अलग-अलग इलाकों में लोड शेडिंग हो रही है। यही वजह है कि सरकार ने दुकानें व बाजा खुलने व बंद करने का समय निर्धारित किया है, ताकि बिजली की खपत को कम किया जा सके।

भारत से मांगी डीजल की अतिरिक्त सप्लाई

इधर, देश में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए तारिक रहमान सरकार ने भारत से डीजल की अतिरिक्त सप्लाई मांगी है, जिससे कि बिजली और गैस की कमी को कुछ हद तक संभाला जा सके। इस संबंध में ढाका में रहमान सरकार में बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद ने भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात की थी। ढाका स्थित भारतीय उच्चायुक्त ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया था कि दोनों नेताओं ने भारत-बांग्लादेश के बीच बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर बातचीत की।

गैस की कमी का सीधा असर बिजली उत्पादन पर

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री महमूद ने कहा कि डीजल की कमी का सीधा असर गैस से चलने वाले बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है। इस वजह से बड़े पैमाने पर लोड शेडिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ पहले से एक पाइपलाइन है, जिसके जरिए डीजल की सप्लाई होती है, और अब उन्होंने भारत से इस सप्लाई को बढ़ाने की अपील की है।

PTI ने रिपोर्ट किया है कि पत्रकारों संग बातचीत के दौरान मंत्री महमूद ने कहा कि भारत उनका पड़ोसी देश है, इसलिए दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर साझा हित हैं और इसी वजह से इन विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने साफ किया कि मौजूदा क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए अतिरिक्त डीजल सप्लाई मिलने से बांग्लादेश को बिजली और गैस की कमी को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।

रॉयटर्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईरान से जुड़े मौजूदा संकट ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी हिला दिया है, जिससे फ्यूल और एलएनजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ गया है। इसका सीधा असर बांग्लादेश जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो पहले से ही घरेलू ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं।

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