गुरुग्राम में हॉस्पिटल वार: एमएलए मुकेश शर्मा की दो-टूक:बोले-कोई कितनी भी अड़चन डाले, बिल्डिंग वहीं बनेगी, मंत्री नरबीर के ‘ट्रैफिक जाम’ फॉर्मूले को झटका

गुरुग्राम में हॉस्पिटल वार: एमएलए मुकेश शर्मा की दो-टूक:बोले-कोई कितनी भी अड़चन डाले, बिल्डिंग वहीं बनेगी, मंत्री नरबीर के ‘ट्रैफिक जाम’ फॉर्मूले को झटका

गुरुग्राम में जिला अस्पताल के निर्माण को लेकर चल रहा सियासी घमासान के बीच विधायक मुकेश शर्मा सिविल लाइंस में ही नई बिल्डिंग के निर्माण पर अड़े हैं। रविवार देर शाम को उन्होंने पटेल नगर में आयोजित जनसभा में कहा कि चाहे कोई कितनी भी अड़चन डाले, हम हॉस्पिटल वहीं बनाएंगे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें साफ तौर पर आश्वासन दे दिया है कि बजट और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर दिसंबर में काम शुरू करवा दिया जाएगा। विधायक मुकेश शर्मा के बयान से कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के ट्रैफिक जाम वाले फॉर्मूले को झटका लगा है। राव नरबीर सिंह सिविल लाइन में अस्पताल निर्माण के पक्ष में नहीं है और उन्होंने शहर में चार अलग-अलग जगहों पर हॉस्पिटल बनाने का आइडिया दिया था। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने हॉस्पिटल निर्माण में अड़चन डालने का आरोप लगाया था। विधायक का तंज-चाहे गली-गली में अस्पताल खुलवा लो, राजनीति न करें
विधायक मुकेश शर्मा ने अस्पताल शिफ्ट करने की पैरवी करने वालों पर तीखा तंज कसा और कहा कि चाहे गली-गली में अस्पताल खुलवा दो, मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सिविल लाइंस का जिला अस्पताल अपनी तय जगह पर ही बनेगा। विधायक ने स्पष्ट कर दिया कि नए अस्पताल अन्य इलाकों में भी बनने चाहिए, लेकिन पुरानी जगह के हक को छीनने नहीं दिया जाएगा। राव नरबीर के विरोध की वजह कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह सिविल लाइंस की मौजूदा प्राइम लोकेशन पर जिला अस्पताल बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका तर्क रहा है कि सिविल लाइंस बेहद व्यस्त और भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां बड़ा अस्पताल बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर रूप से बढ़ जाएगी और एम्बुलेंस व मरीजों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। राव नरबीर सिंह ने सुझाव दिया था कि इस अस्पताल को शहर के बाहरी हिस्से या किसी खुले स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए, जहां जगह की कमी न हो। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सार्वजनिक किया मुद्दा अस्पताल को लेकर चल रही कंट्रोवर्सी में उस समय नया मोड़ आ गया था जब स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने पिछले दिनों गुरुग्राम में आयोजित एक सभा में इस अंदरूनी विवाद को सार्वजनिक किया।स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह पर अस्पताल के निर्माण में जानबूझकर ‘अड़चन’ डालने का गंभीर आरोप लगाया था। स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्पष्ट तौर पर कहा था कि सिविल लाइंस में अस्पताल का निर्माण जनता के हित में है और इसे किसी भी सूरत में शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिए। जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने और हॉस्पिटल निर्माण की मांग करने की बात कही थी। हॉस्पिटल वहीं बनाएंगे: मुकेश शर्मा इस पूरे विवाद के बीच अब एमएलए मुकेश शर्मा पहलवान मुख्यमंत्री से मिलकर आए हैं और उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने सिविल लाइन की जमीन पर ही हॉस्पिटल निर्माण पर सहमति दे दी है और दिसंबर में काम शुरू करने का आश्वासन दिया है। अस्पताल के बहाने वर्चस्व की लड़ाई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक सिविल अस्पताल के निर्माण स्थल को लेकर नहीं है, बल्कि यह दक्षिण हरियाणा अहीरवाल बेल्ट की राजनीति में भाजपा के दो सबसे बड़े चेहरों के बीच खुद को ‘नंबर वन’ साबित करने की वर्चस्व की जंग है। आरती राव जहां केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की बेटी हैं और इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत कर रही हैं, वहीं राव नरबीर सिंह इस इलाके के सबसे पुराने और जमीनी नेताओं में गिने जाते हैं। वीआईपी खींचतान में पिस रहे मरीज करीब सात साल पहले पुराने सिविल हॉस्पिटल की इमारत को जर्जर घोषित कर ढहा दिया गया था, जिसके बाद से यह जमीन खाली पड़ी है। वर्तमान में सेक्टर-10 के अस्पताल पर पूरे जिले के मरीजों का बोझ है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं की सियासी जंग के बीच मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। सिविल लाइंस अस्पताल को बनाने या दूसरी जगह शिफ्ट करने के इस राजनीतिक विवाद ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है। सरकार के ही मंत्री और विधायक इस बात पर आमने-सामने हैं कि अस्पताल कहां बने, लेकिन कोई यह नहीं देख रहा कि इलाज के अभाव में गरीब मरीजों की जेब कट रही है और उन्हें निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

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